रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए प्रमोशन का कोटा 40 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब राज्य सेवा के हर 100 पदों में से 50 पद पदोन्नति के माध्यम से भरे जाएंगे, जिससे लंबे समय से कतार में खड़े अनुभवी अफसरों के लिए तरक्की के नए रास्ते खुल गए हैं।
दरअसल इस फैसले से तहसीलदार, नायब तहसीलदार और डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा। फील्ड स्तर पर अनुभवी अधिकारियों की संख्या बढ़ने से राजस्व मामलों, कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, जिसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ की आम जनता को मिलेगा।
प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ लंबे समय से पदोन्नति के कोटे को 50-50 करने की मांग कर रहा था। सरकार के इस निर्णय से प्रमोशन स्टैगनेशन (पदोन्नति में ठहराव) खत्म होगा। अब अनुविभाग और जिला स्तर पर काम करने वाले अफसरों को समय पर उच्च पदों जैसे उप सचिव स्तर तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
जानकारों का मानना है कि इस बदलाव से प्रशासनिक कसावट आएगी क्योंकि मैदानी स्तर का अनुभव रखने वाले अफसर अब नीति निर्धारण में अधिक संख्या में शामिल होंगे। यह व्यवस्था मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों की तर्ज पर लागू की गई है।
अन्य राज्यों से तुलना; पदोन्नति की स्थिति
छत्तीसगढ़ अब उन राज्यों की श्रेणी में शामिल हो गया है जहां अनुभव को सर्वाधिक प्राथमिकता दी जा रही है।
| प्रदेश | पदोन्नति प्रतिशत | वर्तमान स्थिति |
| छत्तीसगढ़ | 50% | अब कोटा बढ़ाया गया |
| मध्य प्रदेश | 50% | पहले से लागू |
| राजस्थान | 50% | अधिकांश सेवाओं में लागू |
| पंजाब | 40-50% | अधिकांश सेवाओं में लागू |
| उत्तर प्रदेश | 33-40% | सेवा-विशेष पर निर्भर |
| महाराष्ट्र | 40% | कैडर आधारित व्यवस्था |
इस आदेश के लागू होने के बाद अब विभागों में खाली पड़े पदों पर डीपीसी (Departmental Promotion Committee) की प्रक्रिया में तेजी आएगी। जल्द ही कई जिलों में नए एसडीएम (SDM) और अपर कलेक्टर स्तर के पदों पर अनुभवी पदोन्नत अधिकारियों की नई नियुक्तियां देखने को मिलेंगी।


