रायपुर। राज्य विद्युत नियामक आयोग की जनसुनवाई हुई। इस दौरान घरेलू उपभोक्ताओं को नियमानुसार सुविधा देने का मुद्दा उठा। पूर्व प्रोफेसर घनाराम साहू ने स्मार्ट मीटर की टेस्ट रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के साथ कई सुझाव प्रस्तुत किए।
पूर्व प्रोफेसर साहू ने मांग की कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले टेस्ट रिपोर्ट दी जाए तथा मीटर रीडिंग में संदेह होने पर प्रमाणित चेक मीटर लगाया जाए। साथ ही उपभोक्ताओं को तकनीकी जानकारी और वार्षिक लेखा विवरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने का भी सुझाव उन्होंने दिया।
पूर्व आईएएस पांडेय ने पेश की याचिका
निजी भूमि पर विद्युत उपकरण स्थापना से पूर्व मुआवजा, शिकायत के लिए अतिरिक्त फोन नंबर और विभागीय नियमों का हिंदी अनुवाद उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। पूर्व आईएएस अनुराग पांडेय ने किसान नेता भूपेन्द्र शर्मा के साथ कृषि क्षेत्र हेतु विद्युत दरों एवं संबंधित विषयों पर एक याचिका प्रस्तुत की। याचिका में किसानों और आम उपभोक्ताओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए।
इस याचिका में मांग की गई है कि जनसुनवाई हेतु प्रस्तुत सभी प्रस्ताव हिंदी में भी उपलब्ध कराए जाएं, ताकि आम उपभोक्ता और किसान प्रस्तावों को समझकर अपने सुझाव दे सकें। ग्रामीण एवं कृषि विद्युत आधारभूत संरचना के विकास के लिए विगत 50 वर्षों में सरकारों द्वारा दिए गए अनुदान को केवल कृषि क्षेत्र में ही समायोजित करने का अनुरोध किया गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ऐसा करने से कृषि क्षेत्र की फिक्स्ड कॉस्ट शून्य की जा सकेगी।
कृषि उपभोक्ताओं को दिन के समय सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए “Schedule and Discount” की सुविधा लागू करने की भी मांग की गई है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि पिछले वर्षों में कृषि क्षेत्र की विद्युत दरों में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि उद्योग और वाणिज्यिक क्षेत्र में यह वृद्धि मात्र 6 प्रतिशत रही है। इसे संतुलित करने की आवश्यकता बताई गई है। इसके अलावा 5 हॉर्सपावर तक के पंपों को दी जा रही छूट को सभी पंपों पर लागू करने का अनुरोध किया गया है। आयोग ने प्रस्तुत सुझावों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
सरकारी कार्यालयों में अप्रैल से लगेंगे प्रीपेड मीटर
आगामी 1 अप्रैल से प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों और उपक्रमों में बिजली कंपनी का स्मार्ट मीटर प्रीपेड मोड पर काम करना शुरू कर देगा। ऊर्जा विभाग के सचिव और छत्तीसगढ़ पावर वितरण कंपनी के चेयरमैन डॉ. रोहित यादव के अनुसार, विकासखंड स्तर तक के 45,370 सरकारी दफ्तरों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरा हो चुका है। पहले चरण में इन्हीं दफ्तरों को प्रीपेड सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। निचले स्तर के कुल 1.28 लाख दफ्तरों में से अब तक 71 हजार में ही मीटर लग पाए हैं, जहां शत-प्रतिशत काम पूरा होने के बाद ही यह व्यवस्था शुरू होगी। 1 अप्रैल से नई बिजली की खपत के लिए विभागों को अग्रिम भुगतान करना अनिवार्य हो जाए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को अपने बजट में बिजली रिचार्ज के लिए अलग से प्रावधान करने के निर्देश दिए गए हैं।



