रायपुर। अविभाजित मध्यप्रदेश के दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन सिंह की तेंदूपत्ता नीति पर 25 फरवरी को रायपुर में गोष्ठी आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में उनके समर्थक और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।

गोष्ठी का आयोजन अर्जुन सिंह फाउंडेशन और मप्र फाउंडेशन द्वारा संयुक्त शांतिनगर स्थित विमतारा हाल में किया जा रहा है। अर्जुन सिंह सद्भावना फाउंडेशन की चेयरमैन उनकी पुत्री वीणा सिंह हैं, जो कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगी। इसमें अर्जुन सिंह की तेंदूपत्ता नीति : मजदूर से मालिक विषय पर उद्बोधन होगा।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और अर्जुन सिंह मंत्रिमंडल की सदस्य रहीं गंगा पोटाई विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी। कार्यक्रम में पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव, और कांग्रेस के तमाम विधायक भी बैठक में भाग लेंगे।

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बता दें कि अविभाजित मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री रहते हुए अर्जुन सिंह ने तेंदूपत्ता संग्राहकों, विशेषकर आदिवासियों को ठेकेदारों के चंगुल से मुक्त कराने और वनोपज पर सीधा अधिकार देने के उद्देश्य से नीति बनाई थी। 90 के दशक में लागू यह तेंदूपत्ता नीति आज भी प्रचलित है। छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में तेंदूपत्ता आजीविका का प्रमुख स्रोत रहा है।

प्रदेश के करीब 14 लाख से अधिक आदिवासी परिवार इससे सीधे तौर पर जुड़े हैं। तेंदूपत्ता नीति से आदिवासियों को उनका हक मिला, और उनके जीवन स्तर में सुधार आया। प्रदेश कांग्रेस के कई प्रभावशाली नेता अर्जुन सिंह और दिग्विजय सिंह के राजनीतिक प्रभाव से जुड़े रहे हैं। ऐसे में इस गोष्ठी को लेकर कांग्रेस संगठन के भीतर भी खासा उत्साह है। भाजपा की भी नजर इस कार्यक्रम पर है। विधानसभा सत्र के दौरान हो रही इस गोष्ठी को लेकर काफी हलचल है।