टीआरपी डेस्क। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ के दौरान शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पटियाला हाउस कोर्ट ने भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सुरक्षा और छवि से जुड़ा है। छत्तीसगढ़ समेत देश के अन्य राज्यों के युवा कार्यकर्ता इस गिरफ्तारी को लेकर आंदोलित हैं। वैश्विक मंच पर विरोध के तरीकों और उसके बाद होने वाली कानूनी कार्रवाई को लेकर यह खबर एक बड़ा राजनीतिक संदेश दे रही है।
20 घंटे की पूछताछ और ‘मास्टरमाइंड’ का टैग
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उदय भानु चिब को इस पूरे हंगामे का ‘मास्टरमाइंड’ बताया है। मंगलवार (24 फरवरी 2026) सुबह हुई गिरफ्तारी से पहले उनसे तिलक मार्ग थाने में करीब 20 घंटे तक गहन पूछताछ की गई। पुलिस ने कोर्ट में तर्क दिया कि आरोपियों ने विदेशी प्रतिनिधियों के सामने देश की संप्रभुता और एकता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है। अब इंटर स्टेट क्राइम ब्रांच हिमाचल, जम्मू और अमेठी में छिपे अन्य आरोपियों की तलाश करेगी।
कांग्रेस का पलटवार: “तानाशाह को आईना दिखाने की सजा”
गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार शांतिपूर्ण विरोध से डर गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार असली आतंकवादियों को पकड़ने में नाकाम है, लेकिन अपनी शर्ट उतारकर विरोध करने वाले युवाओं से डरकर उन्हें जेल भेज रही है।
क्या हुआ था भारत मंडपम में?
बीते 20 फरवरी को जब भारत मंडपम में एआई समिट चल रही थी, तब यूथ कांग्रेस के 11 कार्यकर्ताओं ने अचानक शर्टलेस होकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इन प्रदर्शनकारियों ने जैकेट के नीचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो वाली टी-शर्ट पहनी थी। इस मामले में पुलिस अब तक ग्वालियर और ललितपुर समेत कई जगहों से 7 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर चुकी है।



