Deputy CM Vijay Sharma informing about NDPS action in Chhattisgarh Assembly.

टीआरपी। छत्तीसगढ़ में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को जड़ से मिटाने के लिए साय सरकार ने निर्णायक जंग छेड़ दी है। विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि राज्य में पहली बार पिट्स एनडीपीएस (PIT NDPS) एक्ट को प्रभावी रूप से लागू कर नशा तस्करों के वित्तीय आधार को खत्म किया जा रहा है। अब अपराधी जेल से बाहर आकर ‘काले धन’ का आनंद नहीं ले पाएंगे, क्योंकि उनकी अवैध संपत्तियों को फ्रीज किया जा रहा है।

नशे के खिलाफ यह अब तक की सबसे संगठित कार्रवाई है। एंड-टू-एंड विवेचना और वित्तीय जांच (Financial Investigation) से ड्रग सप्लाई चेन के मास्टरमाइंड सीधे निशाने पर हैं। ‘मानस’ पोर्टल और विशेष टास्क फोर्स के गठन से छत्तीसगढ़ को नशा मुक्त बनाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।

विधानसभा में ‘मानस’ टोल फ्री नंबर 1933 का लाइव टेस्ट

सदन में चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने नशे की शिकायत के लिए जारी टोल फ्री नंबर 1933 (MANAS) की सक्रियता का अनूठा परीक्षण किया। विधायक सुशांत शुक्ला ने सदन से बाहर जाकर इस नंबर पर कॉल किया और उसके सुचारू रूप से कार्य करने की पुष्टि की। यह नंबर आम जनता के लिए 24 घंटे उपलब्ध है।

See also  BREAKING : छत्तीसगढ़ कांग्रेस आईटी सेल में प्रदेश पदाधिकारियों की नियुक्ति, जानें किसे मिली क्या जिम्मेदारी, देखें डिटेल

बड़ी कार्रवाई: करोड़ों की संपत्ति और भारी मात्रा में ड्रग्स जब्त

उपमुख्यमंत्री ने सदन को आंकड़ों के साथ बताया कि सरकार किस सख्ती से काम कर रही है:

  • वित्तीय प्रहार: वर्ष 2025 में 16 मुख्य आरोपियों की 13 करोड़ 29 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई।
  • पिट्स एनडीपीएस: वर्ष 2024 से अब तक 145 आदतन अपराधियों पर इस कठोर कानून के तहत कार्रवाई हुई।
  • जब्ती: पिछले चार महीनों में 6791 किलो गांजा, हेरोइन, कोकीन और लगभग 98 हजार नशीली दवाइयां पकड़ी गईं।

विभाग में भी सफाई: आरक्षक पर भी गाज

सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वर्दीधारी हो या रसूखदार, नशाखोरी में शामिल किसी को नहीं बख्शा जाएगा। टिकरापारा थाने में एक आरक्षक के पास हेरोइन (चिट्टा) मिलने पर उसके विरुद्ध भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

‘गोगो’ और ‘रोलिंग पेपर’ पर भी प्रतिबंध

रायपुर और दुर्ग जैसे बड़े शहरों में नशे के साधनों जैसे गोगो, स्मोकिंग कोन और रोलिंग पेपर की बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। रायपुर पुलिस आयुक्त ने इन सामग्रियों को प्रतिबंधित करने के आदेश जारी किए हैं।

  • हेल्पलाइन नंबर: 1933 (नशे की शिकायत हेतु)।
  • नई भर्ती: 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के लिए 100 नए पद स्वीकृत।
  • कुल गिरफ्तारी (2025): 1288 प्रकरणों में 2342 आरोपी गिरफ्तार।
See also  Raipur : हेलीकॉप्टर हादसे में मेंटेनेंस की कमी नहीं बल्कि कोई और कमी बनी वजह!

सरकार अब सप्लाई और डिमांड दोनों नेटवर्क को एक साथ तोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। आने वाले दिनों में और भी बड़े नशा तस्करों की संपत्तियों की कुर्की हो सकती है और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का विस्तार पूरे प्रदेश में किया जाएगा।