टीआरपी। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की दो सीटों के लिए आगामी 16 मार्च को मतदान संपन्न होगा, जिसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने विस्तृत कार्यक्रम घोषित कर दिया है। यह निर्वाचन कवि तेजपाल सिंह तुलसी और फूलो देवी नेताम का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त होने के कारण रिक्त हो रही सीटों पर कराया जा रहा है।
राज्यसभा की ये दो सीटें छत्तीसगढ़ की राजनीति और दिल्ली के सदन में राज्य के प्रतिनिधित्व के लिहाज से बेहद अहम हैं। वर्तमान विधानसभा के संख्या बल को देखते हुए इन सीटों पर होने वाला चुनाव सत्तापक्ष और विपक्ष के लिए अपनी एकजुटता और रणनीतिक पकड़ दिखाने का बड़ा मौका होगा, जिसका सीधा असर राज्य की भविष्य की नीतियों पर पड़ता है।
निर्वाचन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना 26 फरवरी को जारी की जाएगी। इसके साथ ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। प्रत्याशी 5 मार्च तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे।
नामांकन पत्रों की जांच (संवीक्षा) 6 मार्च को की जाएगी, जबकि नाम वापसी की अंतिम तिथि 9 मार्च निर्धारित की गई है। मतदान की पूरी प्रक्रिया छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन में संपन्न होगी।
मतदान और परिणाम का समय
16 मार्च, सोमवार को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक विधायक अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। सबसे खास बात यह है कि मतदान खत्म होने के ठीक एक घंटे बाद, यानी शाम 5 बजे से ही मतों की गिनती शुरू हो जाएगी और देर शाम तक परिणाम स्पष्ट हो जाएंगे।
विधानसभा का गणित और समीकरण
राज्यसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ के कुल 90 विधायक गोपनीय मतपत्र के जरिए वोट डालेंगे। वर्तमान में सदन की स्थिति इस प्रकार है:
- भारतीय जनता पार्टी (BJP): 54 विधायक
- इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC): 35 विधायक
- गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP): 01 विधायक
- अधिसूचना तिथि: 26 फरवरी 2026
- नामांकन की अंतिम तिथि: 5 मार्च 2026 (दोपहर 3 बजे तक)
- मतदान और परिणाम: 16 मार्च 2026
26 फरवरी को अधिसूचना जारी होते ही प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो जाएगी। दोनों ही प्रमुख दल अपने उम्मीदवारों के नामों पर मंथन कर रहे हैं, जिनकी घोषणा जल्द ही होने की उम्मीद है।



