Rehabilitated youths from Bastar visiting Chhattisgarh Assembly.

टीआरपी। छत्तीसगढ़ के लोकतंत्र के इतिहास में आज एक अविस्मरणीय अध्याय जुड़ गया। माओवाद की हिंसक विचारधारा को त्यागकर संविधान की राह अपनाने वाले 120 पुनर्वासित युवाओं ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचकर सदन की कार्यवाही का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी युवाओं का ‘जय जोहार’ के साथ आत्मीय स्वागत किया और उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन का भरोसा दिलाया।

यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में पूर्व नक्सल लीडर, जिनमें सीसीएम और जोनल कमेटी स्तर के सदस्य शामिल हैं, लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर (विधानसभा) पहुंचे हैं। यह बस्तर में बदलती हवाओं का संकेत है, जहाँ ‘गन’ की जगह अब ‘गणतंत्र’ की प्रक्रियाओं पर युवाओं का भरोसा बढ़ रहा है।

विधानसभा आसंदी ने कहा- “यह ऐतिहासिक और विरले होने वाली घटना”

विधानसभा की कार्यवाही के दौरान आसंदी ने इन युवाओं का स्वागत करते हुए इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया। सदन को जानकारी दी गई कि इन 120 युवाओं में 66 पुरुष और 54 महिलाएं शामिल हैं, जो अब भारत के संविधान में अटूट विश्वास रखते हैं। दल में 1 सीसीएम, 5 दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य और 7 डिविजनल कमेटी सदस्य जैसे प्रभावशाली पूर्व नक्सली शामिल थे।

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उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं का अभिनंदन करते हुए कहा, “जो युवा ‘गन’तंत्र का रास्ता छोड़कर गणतंत्र की मुख्यधारा में लौटे हैं, उनका हृदय से स्वागत है। संविधान का मार्ग ही विकास और शांति का मार्ग है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति अब बस्तर में सुरक्षा और सम्मान का नया मॉडल पेश कर रही है।

बस्तर के विकास का नया मॉडल

सदन में चर्चा के बाद मुख्यमंत्री और मंत्रियों के साथ पुनर्वासित युवाओं ने “भारत माता की जय” के गगनभेदी नारे लगाए, जिससे पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने निवास पर इन युवाओं के साथ रात्रि भोज भी किया। उन्होंने साझा किया कि बस्तर के विकास के लिए अब सहकारिता मॉडल पर काम किया जाएगा, जिससे स्थानीय लघु वनोपजों का प्रसंस्करण कर युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा सके।

  • कुल सदस्य: 120 (66 पुरुष, 54 महिलाएं)।
  • प्रमुख भागीदारी: 1 सीसीएम, 5 जोनल कमेटी सदस्य, 33 एरिया कमेटी सदस्य।
  • नारा: “भारत माता की जय” के नारों से गूँजा विधानसभा परिसर।
  • मुलाकात: मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सहित पूरी कैबिनेट ने युवाओं का उत्साहवर्धन किया।
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इन युवाओं की मुख्यधारा में वापसी अन्य भटके हुए युवाओं के लिए एक नजीर बनेगी। सरकार की नई पुनर्वास नीति के तहत अब इन युवाओं के कौशल विकास और स्थायी रोजगार पर फोकस किया जा रहा है ताकि बस्तर में हिंसा का दौर पूरी तरह समाप्त हो सके।