टीआरपी। छत्तीसगढ़ सरकार ने आज प्रदेश के लाखों किसानों के पसीने और मेहनत का सम्मान करते हुए कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत एक बड़ी राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की है। राज्य के 25 लाख 28 हजार 422 किसानों द्वारा उपार्जित धान के बदले उन्हें ₹10,324 करोड़ 84 लाख का भुगतान किया गया है।
यह राशि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को जबरदस्त मजबूती देगी। होली और आगामी खरीफ सीजन से पहले किसानों के हाथों में इतनी बड़ी नगद राशि पहुंचने से न केवल उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी, बल्कि खेती के प्रति उनका आत्मविश्वास और समर्पण भी मजबूत होगा।
अन्नदाताओं के श्रम का सीधा सम्मान
राज्य सरकार द्वारा दी गई यह राशि धान खरीदी की अंतर राशि (बोनस स्वरूप) है, जो सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किसानों के खातों में भेजी गई है। सरकार का मानना है कि यह कदम अन्नदाताओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर सभी किसान भाई-बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के किसानों को उनके उत्पाद का लाभकारी मूल्य दिलाना और खेती को मुनाफे का सौदा बनाना है।
किसान और भुगतान का पूरा गणित
इस योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या और राशि का विवरण बेहद प्रभावशाली है, जो राज्य में कृषि की व्यापकता को दर्शाता है। सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था के तहत यह सुनिश्चित किया है कि पाई-पाई सीधे पात्र किसान के खाते में पहुंचे।
- कुल लाभांवित किसान: 25,28,422 (25 लाख 28 हजार 422)
- कुल अंतरित राशि: ₹10,324.84 करोड़
- योजना का नाम: कृषक उन्नति योजना
- भुगतान मोड: डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT)
इस भुगतान के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों में रौनक बढ़ने की उम्मीद है। शासन की ओर से आने वाले दिनों में उन किसानों की शिकायतों का भी निराकरण किया जाएगा जिनके तकनीकी कारणों से भुगतान अटके हो सकते हैं।



