टीआरपी डेस्क। दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली देशों अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ (Operation Midnight Hammer) छेड़ दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि तेहरान, फोर्दो और इस्फहान सहित ईरान के 30 महत्वपूर्ण ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और अत्याधुनिक एफ-22 रैफ्टॉर फाइटर जेट्स से हमला किया गया है।
ट्रंप की दो टूक: “हथियार डालें या मौत का सामना करें”
हमले के बाद जारी एक आपातकालीन वीडियो संदेश में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु संपन्न देश नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “पिछले 47 सालों से यह क्रूर शासन लोगों की हत्या कर रहा है। हमने उन्हें कई मौके दिए, लेकिन उन्होंने हर ऑफर ठुकरा दिया। अब हमला ही आखिरी विकल्प था।” ट्रंप ने चेतावनी दी कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई या तो आत्मसमर्पण करें या परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।
तेहरान में भारी तबाही, खामेनेई सुरक्षित ठिकाने पर शिफ्ट
रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान में एक साथ कई धमाके हुए हैं। हमले की गंभीरता को देखते हुए ईरान के सुप्रीम लीडर को किसी अज्ञात सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। इजरायली मीडिया ने दावा किया है कि इस हमले में ईरानी सेना के चीफ कमांडर अमीर हतामी की मृत्यु हो गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
परमाणु ठिकानों पर सटीक निशाना
अमेरिकी सेना ने ईरान के सबसे संवेदनशील परमाणु केंद्रों (फोर्दो और इस्फहान) को निशाना बनाया है। ट्रंप ने इसे ‘आतंकवादी शासन’ बताते हुए कहा कि इसकी गतिविधियां सीधे तौर पर अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए खतरा थीं। उन्होंने साफ किया कि ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ अभी जारी रहेगा और अमेरिका को चुनौती देने वालों का यही अंजाम होगा।


