टीआरपी डेस्क। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आगामी 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट की दिग्गज वकील मेनका गुरुस्वामी को अपना प्रत्याशी बनाया है। यदि वह जीत दर्ज करती हैं, तो वह भारतीय संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) की पहली LGBTQ सदस्य बनकर इतिहास रचेंगी।
कौन हैं मेनका गुरुस्वामी?
मेनका गुरुस्वामी सुप्रीम कोर्ट की सीनियर एडवोकेट हैं। उन्हें मुख्य रूप से धारा 377 को रद्द कराने वाली ऐतिहासिक कानूनी लड़ाई के लिए जाना जाता है, जिसके बाद भारत में समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया था। उन्होंने अपनी वकालत की बारीकियां पूर्व अटॉर्नी जनरल अशोक देसाई से सीखी हैं।
शिक्षा और वैश्विक सम्मान
मेनका गुरुस्वामी का शैक्षणिक रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली है। उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से सिविल लॉ में ग्रेजुएशन और हार्वर्ड से मास्टर्स (LLM) की डिग्री हासिल की है। वह पहली ऐसी भारतीय महिला हैं, जिनका पोर्ट्रेट ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के रोड्स हाउस में लगाया गया है। वर्ष 2019 में उन्हें टाइम मैगजीन की 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की सूची में भी शामिल किया गया था।
टीएमसी के अन्य उम्मीदवार
पार्टी ने मेनका गुरुस्वामी के साथ-साथ तीन अन्य महत्वपूर्ण चेहरों को भी मैदान में उतारा है। इनमें बाबुल सुप्रियो (मंत्री), राजीव कुमार (पश्चिम बंगाल के पूर्व डीजीपी) और कोएल मल्लिक (प्रसिद्ध अभिनेत्री) शामिल है।


