टीआरपी डेस्क। दिल्ली शराब घोटाले में अदालत से जमानत मिलने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक बार फिर पूरी तरह से एक्टिव मोड में नजर आ रहे हैं। पिछले साल दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली हार और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आज 1 मार्च को जंतर-मंतर पर आयोजित विशाल जनसभा को केजरीवाल की राजनीतिक ‘संजीवनी’ और बड़े शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। इस दौरान केजरीवाल ने वर्तमान रेखा गुप्ता सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला।
हटाए गए कर्मचारियों के हक में बुलंद की आवाज
केजरीवाल की यह जनसभा मुख्य रूप से उन हजारों कर्मचारियों के समर्थन में आयोजित की गई थी, जिन्हें हाल के महीनों में दिल्ली सरकार की विभिन्न सेवाओं से हटा दिया गया है। मंच से बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने बस मार्शल, डीटीसी बस कंडक्टर, मोहल्ला क्लिनिक स्टाफ, डीआईएमटीएस कर्मचारी और सरकारी अस्पतालों के डाटा एंट्री ऑपरेटरों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार जनहित के कार्यों को रोककर कर्मचारियों का शोषण कर रही है।
इस जनसभा में केवल दिल्ली के नेता ही नहीं, बल्कि पंजाब, गुजरात, और गोवा जैसे राज्यों से भी पार्टी के बड़े चेहरे शामिल हुए। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बताया कि देश भर से आए कार्यकर्ताओं का यह हुजूम इस बात का प्रमाण है कि अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता आज भी बरकरार है। पार्टी नेताओं और समर्थकों में इस जमानत के बाद एक नया उत्साह देखने को मिल रहा है, जो केजरीवाल के भाषण के दौरान ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों में साफ झलक रहा था।
शराब घोटाले और राजनीतिक भविष्य पर बोले केजरीवाल
अपनी स्पीच के दौरान केजरीवाल ने शराब घोटाले को राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, “सच्चाई को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं।” उन्होंने रेखा गुप्ता सरकार पर दिल्ली के विकास मॉडल को ध्वस्त करने का आरोप लगाया और संकेत दिया कि आने वाले समय में वे दिल्ली की सड़कों पर उतरकर जन-आंदोलन को और तेज करेंगे।


