रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान की अंतर राशि (बोनस) को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस द्वारा धान की राशि को किसानों को चूना लगाने वाला बताने पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने पांच साल तक किसानों को ठगा और अपने वादे पूरे नहीं किए, उसे किसानों के हित पर बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
कांग्रेस की नीति ने उसे गर्त में डाला: अरुण साव
मंगलवार को मीडिया से चर्चा करते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस के मापदंड समय और सुविधा के हिसाब से बदलते रहते हैं, और इसी दोहरी नीति ने पार्टी को पतन की ओर धकेला है। उन्होंने कांग्रेस को याद दिलाया कि दो साल का बकाया बोनस देने का वादा कांग्रेस ने अपने शासनकाल में किया था, जिसे कभी पूरा नहीं किया गया। साव ने जोर देकर कहा कि भाजपा ने जो वादा किया था, उसे निभाते हुए कृषक उन्नत योजना की राशि एकमुश्त किसानों के खाते में अंतरित की है।
राज्यसभा प्रत्याशी और असम चुनाव पर बड़ी बातें
राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा के प्रत्याशी चयन पर अरुण साव ने स्पष्ट किया कि पार्टी में लोकतांत्रिक प्रक्रिया चल रही है। स्थानीय प्रत्याशी की मांग और कांग्रेस के आरोपों पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा छत्तीसगढ़ के साथ अन्याय किया है, जबकि भाजपा एक योग्य और समर्पित कार्यकर्ता को ही मौका देगी। उन्होंने बताया कि प्रत्याशी का अंतिम चयन पार्टी का पार्लियामेंट्री बोर्ड करेगा और निर्धारित समय पर नामांकन दाखिल किया जाएगा।
इसके अलावा, असम चुनाव में अपनी भूमिका पर चर्चा करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि उन्हें लखीमपुर की जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने विश्वास जताया कि वहां भाजपा इतिहास रचने वाली है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित पार्टी है और अन्य राज्यों के कार्यकर्ता भी एक-दूसरे की मदद के लिए चुनाव में जाते हैं, जैसा कि छत्तीसगढ़ के चुनाव में भी देखा गया था।



