मुंबई। खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल युद्ध की आहट का सीधा असर आज भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है। बुधवार, 11 मार्च 2026 की सुबह शेयर बाजार लाल निशान के साथ खुला, जिससे निवेशकों की धड़कनें तेज हो गई हैं। ग्लोबल मार्केट से मिल रहे कमजोर संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता ने दलाल स्ट्रीट का मूड बिगाड़ दिया है।
बाजार का शुरुआती हाल: सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट
बता दें कि सुबह 9:15 बजे बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव हावी रहा। शुरुआती कारोबार में 120.33 अंक लुढ़ककर 78,085.65 के स्तर पर आ गया। यह भी 36.65 अंक टूटकर 24,224.95 के लेवल पर कारोबार करता दिखा। बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों के भीतर निफ्टी 24,150 के महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल को टेस्ट करता नजर आया।
कौन बढ़ा और कौन गिरा? (टॉप गेनर्स और लूजर्स)
दरअसल, बाजार की इस उठापटक में कुछ शेयरों ने मजबूती दिखाई तो कुछ दिग्गज धराशायी हो गए। शुरुआती रुझानों में टेक महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo), जियो फाइनेंशियल और कोल इंडिया में तेजी देखी गई। रिलायंस में तेजी की वजह अमेरिकी रिफाइनरी प्रोजेक्ट से जुड़ी खबरें बताई जा रही हैं।
बैंकिंग सेक्टर पर आज सबसे ज्यादा दबाव है। कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, श्रीराम फाइनेंस और अपोलो हॉस्पिटल्स के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
ईरान युद्ध और कच्चे तेल का कनेक्शन
गौरतलब है कि ईरान द्वारा ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को लेकर दी जा रही चेतावनियों के बाद कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध लंबा खिंचता है, तो भारत के चालू खाता घाटे (CAD) पर असर पड़ेगा और रुपया और कमजोर हो सकता है। आज सुबह रुपया भी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे गिरकर 91.92 के स्तर पर पहुंच गया।
एक्सपर्ट की राय और निवेशकों के लिए टिप
बाजार के जानकारों का कहना है कि जब तक युद्ध की स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक बाजार में अस्थिरता (Volatility) बनी रहेगी। निवेशकों को फिलहाल ‘पैनिक सेलिंग’ से बचना चाहिए। पोर्टफोलियो को बैलेंस करने के लिए आईटी और फार्मा जैसे डिफेंसिव सेक्टर पर नजर रखें। निफ्टी के लिए 24,100 एक मजबूत सपोर्ट है, जबकि 24,400 पर तगड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है।



