टीआरपी।छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने प्रदेश के लाखों विद्युत उपभोक्ताओं को साइबर ठगों से सावधान रहने की सख्त अपील की है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के नाम पर किसी भी अनजान वॉट्सएप लिंक, SMS या APK फाइल पर क्लिक करना जोखिम भरा हो सकता है।
पिछले कुछ समय में छत्तीसगढ़ में बिजली बिल अपडेट करने के नाम पर ठगी के मामले बढ़े हैं। पॉवर कंपनी की यह एडवाइजरी सीधे तौर पर उन ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए है जो डिजिटल भुगतान का उपयोग करते हैं, ताकि उनकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे।
केवल आधिकारिक माध्यमों का करें उपयोग
पॉवर कंपनी के एमडी भीम सिंह ने जानकारी दी है कि कंपनी किसी भी योजना या सेवा के लिए कभी भी कोई APK फाइल या संदिग्ध वेब लिंक नहीं भेजती है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे ‘मोर बिजली’ मोबाइल ऐप को केवल Google Play Store या Apple App Store से ही डाउनलोड करें।
भुगतान के लिए इन 4 तरीकों पर ही करें भरोसा
कंपनी ने साफ किया है कि किसी भी प्रकार का भुगतान या पंजीयन राशि केवल इन माध्यमों से ही जमा करें:
मोर बिजली (Mor Bijli) मोबाइल ऐप
पॉवर कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट
अधिकृत ATP सेंटर्स
नजदीकी विद्युत कार्यालय
सावधानी: किसी भी मैदानी कर्मचारी को नकद भुगतान न करें और न ही किसी के व्यक्तिगत नंबर पर पैसे भेजें।
सेंडर ID की पहचान करना है जरूरी
पॉवर कंपनी अपने उपभोक्ताओं को संदेश केवल CSPDCL-S सेंडर ID से ही भेजती है। यदि किसी अन्य मोबाइल नंबर या अलग ID से बिजली काटने या बिल भुगतान का मैसेज आता है, तो वह फर्जी हो सकता है।
टोल फ्री नंबर: किसी भी शंका या जानकारी के लिए उपभोक्ता 1912 पर कॉल कर सकते हैं।
शिविर आयोजन: योजना को आम जनता तक पहुँचाने के लिए कंपनी मैदानी स्तर पर विशेष शिविर लगाएगी।
आधिकारिक ऐप: भुगतान के लिए केवल प्ले-स्टोर से डाउनलोड किए गए मोर बिजली ऐप का ही प्रयोग करें।
पॉवर कंपनी आने वाले दिनों में जागरूकता अभियान को और तेज करेगी। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल 1912 पर दें या अपने नजदीकी बिजली ऑफिस में संपर्क करें। सतर्कता ही साइबर ठगी से बचने का एकमात्र प्रभावी तरीका है।



