रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब बिक्री से होने वाली सरकारी कमाई को लेकर एक दिलचस्प आंकड़ा सामने आया है। हालांकि विभाग का महत्वाकांक्षी लक्ष्य 12,500 करोड़ रुपये का था, लेकिन सरकारी सूत्रों के अनुसार, हम उस लक्ष्य तक शायद न पहुंच सकें। मगर राहत की बात यह है कि वित्तीय वर्ष के अंत तक राज्य सरकार को पिछले साल की तुलना में करीब 1000 करोड़ रुपये अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए शराब बिक्री से 12,500 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा था। यह पिछले वर्ष के लक्ष्य से करीब 1,500 करोड़ रुपये अधिक है।

राजस्व में उछाल के मुख्य कारण

आबकारी विभाग के सूत्रों ने बताया कि इस बार राजस्व संग्रह की रफ्तार में भले ही सुस्ती दिखी हो, लेकिन सरकार के सख्त फैसलों ने खजाने को खाली नहीं होने दिया।

बता दें कि विभाग ने कमाई बढ़ाने के लिए ये बड़े कदम उठाए थे जिसके तहत ड्यूटी में 10% की भारी बढ़ोतरी की थी, शराब पर ड्यूटी बढ़ने से प्रति बोतल राजस्व में इजाफा हुआ। वहीं प्रदेश भर में 67 नई शराब दुकानें खोलने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया था जिनमें कुछ दुकानें खुलीं और कुछ जिलों में विरोध के कारण दुकाने नहीं खुल सकीं।

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क्या कहते हैं आंकड़े?

अगर पिछले वित्तीय वर्ष (2024-25) की बात करें, तो सरकार को लगभग 10,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। इस बार, लक्ष्य से 1500 करोड़ रुपये पीछे रहने के बावजूद, कुल राजस्व 11,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। यानी, स्पष्ट रूप से आबकारी विभाग पिछले वर्ष के मुकाबले 1000 करोड़ रुपये की बढ़त पर हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में नशे की बढ़ती आदत और बदलती जीवनशैली इसकी मुख्य वजह है।