रायपुर। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग की खुफिया इकाई डीजीजीआई रायपुर जोनल यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 12.5 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के मामले का खुलासा किया है। इस मामले के मुख्य आरोपी अमन सिंह, निवासी कबीर नगर रायपुर को विभाग ने गिरफ्तार कर लिया है।

विभाग द्वारा की गई जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से कानून से बचता फिर रहा था और विभाग द्वारा जारी कई समन का भी पालन नहीं कर रहा था। तकनीकी जांच और निगरानी के आधार पर डीजीजीआई की टीम ने उसे पकड़ने में सफलता हासिल की।

जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने हिंदुस्तान कॉरपोरेशन नाम से एक फर्जी फर्म बना रखी थी। जब डीजीजीआई की टीम ने फर्म के घोषित व्यावसायिक पते की जांच की तो वहां इस नाम की कोई कंपनी मौजूद नहीं मिली। इससे स्पष्ट हुआ कि यह फर्म केवल कागजों में ही संचालित की जा रही थी।

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बिना माल की आपूर्ति के फर्जी बिल बनाने का काम

आरोपी का मुख्य तरीका बिना किसी वास्तविक माल की आपूर्ति के फर्जी इनवॉइस (बिल) जारी करना था। इन बिलों के जरिए कई अन्य फर्मों को गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ दिलाया गया। इस पूरी व्यवस्था के माध्यम से सरकारी खजाने को करीब 12.5 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।

साल भर बाद आया पकड़ में

बताया गया कि अमन सिंह लगभग एक वर्ष से फरार चल रहा था और जांच एजेंसियों से बचने की कोशिश कर रहा था। इस बीच डीजीजीआई की टीम ने ठोस साक्ष्य और तकनीकी निगरानी के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को रायपुर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।