टीआरपी डेस्क। सोमवार (16 मार्च) की सुबह कारोबार शुरू होते ही निवेश करने वालों के लिए चिंता वाली खबर आई है। ग्लोबल मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट देखी गई है। COMEX पर गोल्ड फ्यूचर्स करीब 56.70 डॉलर (1.12%) फिसलकर 5,005 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया है।

क्यों हो रही है कीमतों में इतनी उथल-पुथल?

मैदानी सूत्रों और बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे सबसे बड़ा कारण खाड़ी क्षेत्र (Middle East) में जारी टकराव है। तनाव के चलते कच्चा तेल (Crude Oil) लगातार ऊंचे भाव पर बना हुआ है, जिससे निवेशकों के बीच डर का माहौल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर में मजबूती के कारण कीमती धातुओं की चमक फीकी पड़ी है। केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती में देरी की संभावना ने बाजार को और अधिक सतर्क बना दिया है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट है, लेकिन विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि बाजार अभी बेहद अस्थिर है।

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मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने के लिए $4,900 के आसपास एक मजबूत सपोर्ट लेवल है। घबराहट में कोई भी बड़ा कदम उठाने से पहले बाजार की अगली चाल को समझना बहुत जरूरी है।

जनता पर क्या होगा असर?

तेल की बढ़ती कीमतें और कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालते हैं। आने वाले दिनों में अगर खाड़ी में स्थिति और बिगड़ती है, तो पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ अन्य जरूरी चीजों की महंगाई भी बढ़ सकती है। प्रशासन और निवेश एजेंसियां स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं।