टीआरपी डेस्क। ओडिशा के कटक स्थित प्रसिद्ध SCB मेडिकल कॉलेज से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। अस्पताल के वार्ड में अचानक आग लगने से वहां भर्ती 10 मरीजों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

शॉर्ट सर्किट बना काल, धुआं भरते ही मचा हड़कंप

मिली जानकारी के मुताबिक, हादसा अस्पताल की पहली मंजिल पर स्थित वार्ड और ICU में हुआ। जिस वक्त आग लगी, वहां कुल 23 मरीज एडमिट थे। मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने बताया कि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की मुख्य वजह माना जा रहा है। जैसे ही वार्ड से धुआं निकलना शुरू हुआ, पूरे अस्पताल परिसर में भगदड़ मच गई।

जान दांव पर लगाकर कर्मचारियों ने बचाए मरीज

मैदानी सूत्रों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि मरीजों को बाहर निकालने का मौका बहुत कम मिला। हालांकि, अस्पताल के बहादुर कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इस दौरान कई कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सुरक्षित निकाले गए मरीजों को तुरंत दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया गया।

See also  संसद के सभी कर्मचारी अब घर से करेंगे कामकाज, लोकसभा सचिवालय ने जारी किया 'वर्क फ्रॉम होम' का निर्देश…

जांच के घेरे में अस्पताल प्रबंधन

इस दर्दनाक हादसे पर पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गहरा दुख जताया है। वहीं, मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच टीम यह पता लगाएगी कि क्या अस्पताल में ‘फायर सेफ्टी’ के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं।

जनता पर असर और अगली कार्रवाई

इस घटना ने सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा इंतजामों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। कटक का यह अस्पताल छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों के मरीजों के लिए भी भरोसे का केंद्र रहता है, ऐसे में इस खबर ने लोगों को डरा दिया है। फिलहाल प्रशासन ने पूरे वार्ड को सील कर दिया है और घायलों का इलाज जारी है।