हॉरर फिल्मों का क्रेज दुनिया भर में लगातार बढ़ता जा रहा है। सस्पेंस, डर, रहस्य और अचानक आने वाले खौफनाक मोमेंट्स दर्शकों को हमेशा अपनी ओर खींचते हैं। यही वजह है कि हॉरर जॉनर की कुछ फिल्में ऐसी हैं, जो रिलीज के कई साल बाद भी लोगों की पसंदीदा बनी हुई हैं। अगर आप भी वीकेंड पर कुछ ऐसा देखना चाहते हैं जो आपके रोंगटे खड़े कर दे, तो हॉरर की दुनिया की कुछ चुनिंदा फिल्में आज भी सबसे बेहतरीन मानी जाती हैं। इनमें ‘द कॉन्ज्यूरिंग’, ‘इंसिडियस’, ‘द एक्सॉर्सिस्ट’, ‘हेरिडिटरी’ और ‘एनाबेल’ जैसी फिल्में शामिल हैं, जिन्होंने अपने डरावने कंटेंट और जबरदस्त सस्पेंस से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी है।

द कॉन्ज्यूरिंग

सबसे पहले बात करते हैं ‘द कॉन्ज्यूरिंग’ की, जिसे आधुनिक हॉरर सिनेमा की सबसे दमदार फिल्मों में गिना जाता है। साल 2013 में रिलीज हुई यह फिल्म एक सच्ची घटना से प्रेरित बताई जाती है। फिल्म में पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर्स एड और लोरेन वॉरेन एक ऐसे परिवार की मदद करते हैं, जो अपने घर में हो रही अजीब और डरावनी घटनाओं से परेशान होता है। फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक, अचानक आने वाले डरावने दृश्य और सस्पेंस इसे बेहद खास बनाते हैं। यही कारण है कि आज भी यह फिल्म हॉरर प्रेमियों की पहली पसंद बनी हुई है।

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इंसिडियस

इसके बाद ‘इंसिडियस’ का नाम आता है, जिसने हॉरर फिल्मों को एक अलग ही स्तर पर पहुंचा दिया। साल 2010 में रिलीज हुई यह फिल्म एक ऐसे परिवार की कहानी है, जिसका बेटा रहस्यमयी तरीके से कोमा में चला जाता है और उसके बाद घर में डरावनी घटनाएं शुरू हो जाती हैं। फिल्म में सिर्फ भूत-प्रेत का डर नहीं, बल्कि एक गहरी रहस्यमयी दुनिया का अनुभव भी मिलता है। इसकी कहानी, साउंड डिजाइन और डर पैदा करने का तरीका दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है। ‘इंसिडियस’ उन लोगों के लिए परफेक्ट है जो जंप स्केयर और सस्पेंस से भरी फिल्में पसंद करते हैं।

द एक्सॉर्सिस्ट

अगर क्लासिक हॉरर फिल्मों की बात हो और ‘द एक्सॉर्सिस्ट’ का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। साल 1973 में रिलीज हुई यह फिल्म आज भी हॉरर सिनेमा की सबसे आइकॉनिक फिल्मों में शामिल है। एक छोटी बच्ची पर बुरी आत्मा के कब्जे और उसे बचाने की कोशिश पर आधारित यह फिल्म उस दौर में लोगों के लिए बेहद चौंकाने वाली थी। इसकी कहानी, अभिनय और खौफनाक माहौल ने इसे एक ऐतिहासिक फिल्म बना दिया। कई दर्शक आज भी इसे अब तक की सबसे डरावनी फिल्म मानते हैं।

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हेरिडिटरी

अगर आप साइकोलॉजिकल हॉरर पसंद करते हैं, तो ‘हेरिडिटरी’ आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। साल 2018 में रिलीज हुई इस फिल्म ने हॉरर के पारंपरिक ढांचे से हटकर एक गहरी और परेशान कर देने वाली कहानी पेश की। यह सिर्फ डराने वाली फिल्म नहीं है, बल्कि एक परिवार के भीतर छिपे रहस्यों, दुख और मानसिक तनाव को भी दिखाती है। फिल्म धीरे-धीरे अपने खौफनाक रूप में सामने आती है और अंत तक दर्शकों को झकझोर कर रख देती है। इसकी कहानी और माहौल इसे सामान्य हॉरर फिल्मों से अलग बनाते हैं।

एनाबेल

आखिर में बात करते हैं ‘एनाबेल’ की, जो एक डरावनी गुड़िया की कहानी पर आधारित है। साल 2014 में रिलीज हुई इस फिल्म ने दुनियाभर में जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। ‘द कॉन्ज्यूरिंग’ यूनिवर्स का हिस्सा होने के कारण इसे पहले से ही काफी चर्चा मिली थी। फिल्म में एक गुड़िया के जरिए घर में होने वाली पैरानॉर्मल घटनाएं और बढ़ता खतरा दर्शकों को लगातार डराता रहता है। हॉरर फिल्मों के फैंस के बीच ‘एनाबेल’ का नाम आज भी काफी लोकप्रिय है।

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कुल मिलाकर, अगर आप सच में ऐसी फिल्में देखना चाहते हैं जो डर, रहस्य और सस्पेंस का पूरा अनुभव दें, तो ये पांचों फिल्में आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए। ये सिर्फ डराने के लिए नहीं, बल्कि बेहतरीन कहानी, दमदार निर्देशन और शानदार सिनेमैटिक एक्सपीरियंस के लिए भी जानी जाती हैं। हॉरर जॉनर के शौकीनों के लिए ये फिल्में आज भी बेस्ट चॉइस मानी जाती हैं। अगर आप एक ही रात में असली हॉरर का मजा लेना चाहते हैं, तो इन फिल्मों से बेहतर विकल्प शायद ही कोई हो।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।