टीआरपी डेस्क। मध्य पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। इजराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने दावा किया है कि इजराइली वायुसेना ने एक सटीक हमले में ईरान के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक अली लारिजानी को मार गिराया है। हालांकि, ईरान ने इस दावे को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे इजराइल का प्रोपेगेंडा बताया है।
सर्जिकल स्ट्राइक जैसा हमला: क्या कहती है रिपोर्ट? (Ali Larijani Killed in Israeli Strike?)
इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) के सूत्रों के हवाले से प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला सोमवार (16 मार्च) की रात को अंजाम दिया गया। इजराइल को खुफिया जानकारी मिली थी कि लारिजानी एक गुप्त ठिकाने पर मौजूद हैं। इसी आधार पर सटीक हवाई हमला किया गया। बता दें कि, अली लारिजानी न केवल ईरान की संसद के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं, बल्कि वे वर्तमान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के बेहद करीबी सलाहकार भी थे। इजराइल का मानना है कि खामेनेई समेत 40 टॉप कमांडरों की हत्या के बाद, युद्ध से जुड़े सभी बड़े फैसले लारिजानी ही ले रहे थे।
ईरान की प्रतिक्रिया: जल्द जारी होगा वीडियो संदेश
ईरान ने इजराइल के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। तेहरान से मिली जानकारी के मुताबिक, ईरान की सर्वोच्च सुरक्षा परिषद के प्रमुख जल्द ही एक आधिकारिक संदेश जारी करेंगे, जिससे लारिजानी की स्थिति स्पष्ट हो सके। जानकारों का कहना है कि ईरान यह साबित करने की कोशिश करेगा कि लारिजानी सुरक्षित हैं, जैसा कि उसने पहले भी कई कमांडरों के मामले में किया था।
लारिजानी का मुस्लिम देशों को पत्र
गौरतलब है कि हमले से ठीक कुछ दिन पहले अली लारिजानी ने सभी मुस्लिम देशों के नाम एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने इजराइल के खिलाफ एकजुट होने और आर्थिक प्रतिबंध लगाने की अपील की थी। इजराइल इसे अपनी सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा मान रहा था।
क्या होगा अगला कदम?
अगर लारिजानी की मौत की पुष्टि होती है, तो यह ईरान के लिए खामेनेई के बाद सबसे बड़ा झटका होगा। इजराइल अब तक ईरान के लगभग सभी शीर्ष नेतृत्व को निशाना बना चुका है, जिससे तेहरान के सैन्य ढांचे में बड़ी अस्थिरता पैदा हो गई है। वैश्विक शेयर बाजारों और तेल की कीमतों पर भी इस खबर का गहरा असर पड़ने की आशंका है।



