Kondagaon Mandari dance group representing Chhattisgarh at Bharat Tribe Fest 2026 Delhi.

टीआरपी। कोण्डागांव जिले के ग्राम राहटीपारा (बालेंगा) का प्रसिद्ध लिंगो घोटुल मांदरी नृत्य दल अब राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में अपनी कला का जादू बिखेरेगा। यह दल 18 मार्च से 21 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाले ‘भारत ट्राइब फेस्ट-2026’ में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए चयनित हुआ है।

बस्तर की लोक संस्कृति को राष्ट्रीय मंच मिलना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है। यह दल पहले ही राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों सम्मानित हो चुका है। दिल्ली के ‘सुंदर नर्सरी’ में होने वाले इस प्रदर्शन से कोण्डागांव की पारंपरिक जनजातीय कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी और स्थानीय कलाकारों का उत्साहवर्धन होगा।

दिल्ली में सजेगी बस्तर की लोक संस्कृति


उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र प्रयागराज द्वारा आयोजित इस फेस्ट में छत्तीसगढ़ समेत देश के 7 राज्यों के कलाकार अपनी जनजातीय कलाओं का प्रदर्शन करेंगे। कोण्डागांव के इस दल ने अंबिकापुर में आयोजित ‘शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति लोक कला महोत्सव’ में अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से स्वर्ण पदक जीता था, जिसके बाद इन्हें इस राष्ट्रीय आयोजन के लिए चुना गया है।

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कलेक्टर कोण्डागांव पन्ना ने कलाकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने भरोसा जताया कि मांदरी नृत्य की थाप दिल्ली में बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का लोहा मनवाएगी। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग के अनुसार, दल दिल्ली के लिए रवाना हो चुका है और 18 मार्च से अपनी प्रस्तुतियां शुरू करेगा।


आयोजन: भारत ट्राइब फेस्ट-2026, सुंदर नर्सरी, नई दिल्ली।

अवधि: 18 मार्च से 21 मार्च 2026 तक।

प्रतिनिधित्व: कोण्डागांव जिले का राहटीपारा (बालेंगा) मांदरी नृत्य दल।

उपलब्धि: राज्य स्तरीय लोक कला महोत्सव में प्रथम स्थान और राष्ट्रपति द्वारा सम्मान।

सहभागी राज्य: छत्तीसगढ़ सहित कुल 7 राज्य।


दिल्ली में चार दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ का यह दल हर दिन अलग-अलग सत्रों में मांदरी नृत्य की प्रस्तुति देगा। इसके माध्यम से दिल्ली के दर्शकों और पर्यटकों को बस्तर के घोटुल संस्कृति और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की जानकारी मिलेगी।