टीआरपी डेस्क। देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) इन दिनों सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह कोई नई डील नहीं बल्कि सरकारी जुर्माना है। दरअसल, केंद्र सरकार के अतिरिक्त सीमा शुल्क आयुक्त (Additional Commissioner of Customs), मुंद्रा ने रिलायंस पर जुर्माने की बड़ी कार्रवाई की है। 16 मार्च 2026 को जारी इस आदेश के बाद अब कंपनी कानूनी लड़ाई की तैयारी में है।

क्यों लगा 17 लाख से ज्यादा का जुर्माना?

स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला आयातित सामानों (Imported Goods) के गलत वर्गीकरण (Classification) से जुड़ा है। 16 मार्च, 2026 को कुल ₹17,06,958 का जुर्माना लगा है। कस्टम विभाग का आरोप है कि कंपनी ने बिल ऑफ एंट्री में सामान का गलत वर्गीकरण किया, जिससे सीमा शुल्क (Custom Duty) कम चुकाया गया।

कंपनी ने क्या कहा? आदेश के खिलाफ उठाएगी कदम

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी फाइलिंग में स्पष्ट किया है कि उन्हें यह आदेश 17 मार्च की सुबह ईमेल के जरिए प्राप्त हुआ। कंपनी का कहना है कि रिलायंस इस आदेश से सहमत नहीं है और इसके खिलाफ सक्षम प्राधिकारी के पास अपील दर्ज करने का इरादा रखती है। कंपनी ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि इस जुर्माने का उसके बिजनेस या ऑपरेशंस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी के मुताबिक, इसका आर्थिक असर सिर्फ जुर्माने की राशि तक ही सीमित है।

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मुंद्रा पोर्ट और कस्टम की सख्ती

गौरतलब है कि मुंद्रा पोर्ट आयात-निर्यात का बड़ा केंद्र है और यहां कस्टम विभाग नियमों को लेकर काफी सख्त रहता है। जानकारों का कहना है कि टेक्निकल क्लासिफिकेशन को लेकर अक्सर कंपनियों और विभाग के बीच मतभेद होते हैं, जो बाद में ट्रिब्यूनल या कोर्ट तक पहुँचते हैं।

निवेशकों और जनता पर असर

हालांकि रिलायंस जैसी दिग्गज कंपनी के लिए 17 लाख रुपये की राशि बहुत छोटी है, लेकिन कॉर्पोरेट गवर्नेंस और नियमों के पालन के लिहाज से ऐसी खबरें गूगल डिस्कवर में तेजी से वायरल होती हैं। फिलहाल, कंपनी के शेयर और कामकाज पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं दिख रहा है।