Kalinga University: रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर और सिद्धाचलम प्रयोगशाला, बिरगांव रायपुर के बीच 16 मार्च को कैलिंगा विश्वविद्यालय परिसर में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए, जो शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान विकास और ज्ञान के आदान-प्रदान को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Kalinga University: इस समझौता ज्ञापन (MoU) का उद्देश्य संयुक्त अनुसंधान गतिविधियों, शैक्षणिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों, कौशल विकास पहलों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा सहयोगात्मक परियोजनाओं जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना है। यह साझेदारी विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों तथा शोधकर्ताओं के लिए अपनी शैक्षणिक और व्यावसायिक दक्षताओं को बढ़ाने के अवसर प्रदान करने की अपेक्षा करती है।

Kalinga University: इस समझौता ज्ञापन पर डॉ. भावना जैन, निदेशक, सिद्धाचलम प्रयोगशाला तथा डॉ. संदीप गांधी, कुलसचिव, कलिंगा विश्वविद्यालय द्वारा हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर डॉ. संयोगिता शाही – प्रोफेसर, रसायन विभाग तथा डॉ. शिल्पी श्रीवास्तव, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, रसायन विभाग, कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर उपस्थित रहीं।
Kalinga University: समारोह के दौरान डॉ. संदीप गांधी, कुलसचिव ने इस पहल का स्वागत किया और मजबूत शैक्षणिक एवं व्यावसायिक नेटवर्क के निर्माण के प्रयास की सराहना की। साथ ही, उन्होंने उच्च शिक्षा और अनुसंधान को आगे बढ़ाने में संस्थागत सहयोग के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रकार की साझेदारियाँ सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुप्रयोगों के बीच की खाई को पाटने में सहायक होती हैं, साथ ही नवाचार और बहुविषयक शिक्षण को भी बढ़ावा देती हैं।
Kalinga University: दोनों संस्थानों के प्रतिनिधियों ने पारस्परिक विकास और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए मिलकर कार्य करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस समझौता ज्ञापन (MoU) में छात्र इंटर्नशिप, संकाय आदान-प्रदान, कार्यशालाएँ, संगोष्ठियाँ तथा संयुक्त प्रकाशनों के प्रावधान भी शामिल हैं, जो शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
Kalinga University: यह सहयोग नवाचारी अनुसंधान अवसरों, उन्नत शिक्षण अनुभवों तथा कुशल मानव संसाधन के विकास के लिए मार्ग प्रशस्त करने की अपेक्षा रखता है, जो अंततः शिक्षा और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगा।



