रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) को लेकर सदन का पारा चढ़ गया। विधायक जनक ध्रुव ने ठेकेदारों की ‘परफॉर्मेंस सिक्योरिटी’ और ‘सुरक्षा निधि’ के भुगतान में हो रही भारी देरी का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने सदन में बताया कि प्रदेश में वर्तमान में लगभग 181.90 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है।
जनक ध्रुव का सवाल: काम पूरा, तो पैसा कहाँ अटका?
बता दें कि विधायक जनक ध्रुव ने सवाल किया कि जब सड़कें बनकर तैयार हैं, तो ठेकेदारों की अमानत राशि क्यों दबाकर रखी गई है? उन्होंने आरोप लगाया कि इस देरी से न केवल विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि छोटे ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति भी बिगड़ रही है।
होनी चाहिए CBI जांच- विपक्ष
गौरतलब है कि 181 करोड़ से ज्यादा की राशि लंबित होने पर विपक्षी विधायकों ने इसे बड़ी प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का संकेत बताया। सदन में शोर-शराबे के बीच विपक्ष ने मांग की कि:
- इतनी बड़ी राशि का रुकना सामान्य नहीं है, इसकी केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) से जांच कराई जाए।
- क्या यह राशि जानबूझकर रोकी गई है या इसके पीछे कोई बड़ा घोटाला है, इसका खुलासा होना चाहिए।
सचिव स्तर के अधिकारी करेंगे जांच- डिप्टी सीएम विजय शर्मा
दरअसल, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने विपक्ष के आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले में पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा:
- सीनियर ऑफिसर जांच: इस पूरे प्रकरण की जांच सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों से कराई जाएगी।
- दोषियों पर एक्शन: जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
- भुगतान का भरोसा: लंबित भुगतान की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।


