छत्तीसगढ़ विधानसभा में दवा खरीद मुद्दे पर घमासान, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जवाब
छत्तीसगढ़ विधानसभा में दवा खरीद मुद्दे पर घमासान, स्वास्थ्य मंत्री ने दिए जवाब

टीआरपी। छत्तीसगढ़ विधानसभा ने छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया है। इस फैसले के बाद अब राज्य में अचल संपत्ति (जमीन, मकान, दुकान) की रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर (Cess) पूरी तरह समाप्त हो गया है।

इस फैसले से सीधे तौर पर मध्यमवर्गीय परिवारों और किसानों की जेब पर बोझ कम होगा। उदाहरण के लिए, अब 1 करोड़ रुपये के मकान की रजिस्ट्री पर सीधे 60 हजार रुपये की बचत होगी। यह कदम रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी लाएगा और आम आदमी के लिए अपना घर खरीदना और आसान बनाएगा।

रजिस्ट्री अब सरल, सुलभ और कम खर्चीली


वाणिज्यिक कर मंत्री ओ पी चौधरी ने सदन में विधेयक पेश करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राजस्व कमाना नहीं, बल्कि जनता के जीवन को सुगम बनाना है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार ने राजीव गांधी मितान क्लब जैसी योजनाओं के लिए यह उपकर लगाया था, जो अब प्रासंगिक नहीं रह गया है। इस कटौती से सरकार को करीब 150 करोड़ रुपये के राजस्व की हानि होगी, लेकिन इसका सीधा लाभ जनता को मिलेगा।

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पंजीयन विभाग में बड़े सुधार

स्वतः नामांतरण: मई 2025 से अब तक 1.5 लाख दस्तावेजों का ऑटो-म्यूटेशन (नामांतरण) किया जा चुका है।

गाइडलाइन दर पर शुल्क: अब रजिस्ट्री शुल्क आपसी लेनदेन की कीमत के बजाय गाइडलाइन वैल्यू पर लिया जा रहा है, जिससे जनता को 170 करोड़ की राहत मिली है।

पारिवारिक दान/बंटवारा: परिवार के भीतर दान या हक-त्याग की रजिस्ट्री पर लगने वाले भारी शुल्क को घटाकर मात्र 500 रुपये कर दिया गया है।

स्मार्ट ऑफिस: प्रदेश के 10 पंजीयन कार्यालयों को वीजा ऑफिस की तर्ज पर वातानुकूलित और वाई-फाई सुविधायुक्त बनाया जा रहा है।

किसानों और शहरी मध्यम वर्ग को लाभ


ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के मूल्यांकन में से वर्गमीटर व्यवस्था खत्म कर अब हेक्टेयर दर लागू की गई है, जिससे ग्रामीणों को 300 से 400 करोड़ का लाभ होगा। वहीं शहरों में अब फ्लैट का मूल्यांकन सुपर बिल्ट-अप के बजाय केवल बिल्ट-अप एरिया पर होगा, जिससे फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत मिलेगी।

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परिवार रजिस्ट्री: 1 करोड़ की संपत्ति के दान पर 80 हजार के बजाय अब मात्र 500 रुपये शुल्क।

नया प्रावधान: बाउंड्री वॉल और प्लिंथ जैसे अनावश्यक अतिरिक्त मूल्यांकन समाप्त।


विधेयक पारित होने के बाद अब प्रदेश भर के पंजीयन कार्यालयों में सॉफ्टवेयर अपडेट किए जाएंगे। इसके बाद नई दरों पर रजिस्ट्रियां शुरू होंगी। इससे आने वाले दिनों में रजिस्ट्री की संख्या में बड़ी वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी।