रायपुर। Abujhmad to Raipur: छत्तीसगढ़ के उस अंचल से, जिसे दुनिया अबूझ कहती है, आज वहां के युवाओं ने लोकतंत्र की असली ताकत को करीब से महसूस किया। नारायणपुर जिले के धुर नक्सल प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों से आए 147 अबूझमाड़िया युवाओं ने नया रायपुर स्थित विधानसभा की कार्यवाही देखी। यह सिर्फ एक भ्रमण नहीं था, बल्कि उन युवाओं के लिए एक नई दुनिया का दरवाजा खुलने जैसा था, जिनमें से अधिकांश ने अपनी जिंदगी में पहली बार रायपुर शहर की चकाचौंध देखी।
बता दें कि स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना के तहत आयोजित इस दौरे में कुतुल, ओरछा, कलमानार और गुमियाबेड़ा जैसे अति संवेदनशील गांवों के युवा शामिल हुए। दरअसल, ये वो इलाके हैं जहां विकास की किरण पहुंचने में दशकों लग गए। गौरतलब है कि विधानसभा की गैलरी में बैठकर जब इन युवाओं ने प्रश्नकाल और चर्चा को देखा, तो उनके चेहरों पर एक अलग ही चमक थी। उन्हें समझाया गया कि कैसे उनके गांव की सड़कों और स्कूलों के फैसले इसी सदन में लिए जाते हैं।

इस खास मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने युवाओं से पूछा शहर कैसा लगा? और नक्सलवाद के खात्मे के बाद गांव में क्या बदलाव दिख रहे हैं? उपमुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आप नक्सलवाद की अंधेरी गलियों से निकलकर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं, यही प्रदेश का असली भविष्य है। उन्होंने युवाओं को स्व-सहायता समूहों और लघु वनोपज प्रसंस्करण से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का मंत्र भी दिया।
मंत्री केदार कश्यप ने जाना अपने क्षेत्र का हाल
वन मंत्री और नारायणपुर के स्थानीय विधायक केदार कश्यप ने भी युवाओं से उनके गांवों में मिल रही सुविधाओं और विकास कार्यों का फीडबैक लिया। युवाओं ने भी बेबाकी से अपने अनुभव साझा किए और इस दौरे को अपने जीवन का सबसे प्रेरणादायी पल बताया।
प्रशासन की यह पहल उन सुदूर क्षेत्रों में विश्वास बहाली का काम करेगी, जहां लंबे समय तक शासन की पहुंच नगण्य थी। जब ये युवा वापस अपने गांवों (जैसे नेडनार या कोडकानार) लौटेंगे, तो वे लोकतंत्र की इस सकारात्मक तस्वीर की कहानी सुनाएंगे। इससे न केवल शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्र में शांति और विकास के प्रयासों को भी बल मिलेगा।


