टीआरपी। छत्तीसगढ़ सरकार और पर्यटन मंडल के साझा प्रयासों से आयोजित 6 दिवसीय विशेष फेम (FAM) ट्रिप का 18 मार्च को सफल समापन हुआ। इस आयोजन में देश के 8 राज्यों (दिल्ली, महाराष्ट्र, बंगाल, कर्नाटक, ओडिशा, चेन्नई, बेंगलुरु, अंडमान) के 30 प्रमुख टूर ऑपरेटरों ने चित्रकोट वाटरफॉल, मैनपाट, बारसूर के प्राचीन मंदिर और जशपुर के प्राकृतिक और सांस्कृतिक वैभव का प्रत्यक्ष अनुभव किया।
इस ट्रिप के माध्यम से दिल्ली, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे बड़े राज्यों के ट्रैवल एजेंट्स अब छत्तीसगढ़ को एक सुरक्षित और आकर्षक डेस्टिनेशन के रूप में प्रमोट करेंगे। इससे राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय होटल, ट्रांसपोर्ट, गाइड और हस्तशिल्प कलाकारों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
पर्यटन के दो रूट: उत्तर और दक्षिण का संगम
पर्यटन मंडल ने प्रतिभागियों को दो समूहों में बांटकर राज्य की विविधता दिखाई। उत्तर छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर, मैनपाट (छत्तीसगढ़ का शिमला), रामगढ़ और जशपुर के इको-टूरिज्म मॉडल को पेश किया गया। यहां के महुआ होमस्टे और कुनकुरी गिरजाघर ने प्रतिनिधियों को खासा प्रभावित किया।
वहीं, दक्षिण छत्तीसगढ़ में बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति का प्रदर्शन हुआ। प्रतिनिधियों ने कांगेर घाटी, कोंडागांव, जगदलपुर और दंतेवाड़ा का भ्रमण किया। विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात की भव्यता और बारसूर के ऐतिहासिक बत्तीसा मंदिर ने राज्य की ऐतिहासिक विरासत की एक मजबूत तस्वीर पेश की।
स्थानीय संस्कृति और प्रशासनिक भरोसा
ट्रिप के दौरान प्रतिनिधियों ने स्थानीय हाट-बाजारों का भ्रमण कर बस्तर की जीवनशैली को समझा। महत्वपूर्ण बात यह रही कि डेलिगेट्स ने बस्तर संभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से भी मुलाकात की। इस मुलाकात से राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर बाहरी ट्रैवल एजेंटों का विश्वास और मजबूत हुआ है।
पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा और प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने समापन समारोह में ट्रैवल पार्टनर्स से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ को देश के कोने-कोने में पहुँचाएं। प्रतिभागियों ने छत्तीसगढ़ को पर्यटन जगत का “हिडन जेम” (छपा हुआ रत्न) करार दिया।
इस फेम ट्रिप के सफल होने के बाद, अब राज्य सरकार निजी निवेश को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण पर्यटन (Rural Tourism) को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग करने की तैयारी में है। जल्द ही राज्य के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही में बड़ी बढ़ोत्तरी देखने को मिल सकती है।



