रायपुर। राजधानी रायपुर से सटे आरंग इलाके में महानदी से रेत का काला कारोबार करने वालों पर प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद रायपुर खनिज विभाग, राजस्व और आरंग पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए करोड़ों की मशीनरी और वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है।
रात के अंधेरे में चल रहा था पीला सोना लूटने का खेल
बता दें कि प्रशासन को पुख्ता सूचना मिली थी कि आरंग के कुम्हारी, कुरूद और मोहमेला घाटों पर रात के अंधेरे में अवैध उत्खनन का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। दरअसल, योजनाबद्ध तरीके से की गई इस छापेमारी में प्रशासन ने रेत के अवैध परिवहन में लगे 11 हाइवा वाहन, नदी के बीच से रेत निकालने वाली एक चैन माउंटेन मशीन और घाटों पर लोडिंग के लिए तैनात दो जेसीबी मशीन को जब्त किया है।
मैदान में उतरे जिले के दिग्गज अफसर
गौरतलब है कि इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए जिले के आला अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभाला। इस रेड में अभिषेक झा (एएसपी, रायपुर ग्रामीण), उमेश भार्गव (खनिज अधिकारी), गजानंद सिदार (नायब तहसीलदार), हरीश साहू (आरंग थाना प्रभारी) शामिल रहे।
माफियाओं में हड़कंप, थानों में खड़ी की गईं गाड़ियां
मिली जानकारी के अनुसार, अचानक हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र के रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया और कई लोग तो मशीनें छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। पकड़े गए सभी वाहनों को गिधपुरी, उपरवारा और स्थानीय थानों की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। इन सभी पर खनिज अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
आरंग और आसपास के ग्रामीणों ने प्रशासन की इस सख्ती के बाद राहत की सांस ली है। बेतहाशा रेत चोरी के कारण न केवल महानदी का अस्तित्व खतरे में था, बल्कि भारी-भरकम हाइवा चलने से गांव की सड़कें भी जर्जर होकर गड्ढों में तब्दील हो गई थीं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर ऐसी ही सख्ती जारी रही, तभी पर्यावरण और उनकी सड़कों की रक्षा हो पाएगी।


