Electric Toothbrush Blast: अगर आप भी सुबह उठकर इलेक्ट्रिक टूथब्रश से अपने दांत चमकाते हैं, तो यह खबर आपके होश उड़ा देगी। दरअसल, एक महिला के घर में रखे इलेक्ट्रिक टूथब्रश में अचानक इतना जोरदार धमाका हुआ कि पूरे बाथरूम में आग लग गई। महिला का कहना है कि अगर कांच का स्टील फ्रेम नहीं होता, तो आज वह जिंदा नहीं बचती।
सोते समय हुआ धमाका, दहल गई महिला
मिली जानकारी के अनुसार, यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना मैनचेस्टर की रहने वाली 33 साल की चार्लोट बोवर्स के साथ घटी है। चार्लोट ने करीब 8 महीने पहले ही नामी कंपनी ‘ओरल बी’ का इलेक्ट्रिक टूथब्रश खरीदा था। फरवरी 2026 की उस रात वह अपने पार्टनर के साथ सो रही थीं, तभी अचानक बाथरूम से जोरदार धमाके की आवाज आई। जब वह दौड़कर वहां पहुंचीं, तो नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
बाथरूम के कांच ने बचा ली जान
रिपोर्ट के अनुसार टूथब्रश में ब्लास्ट इतना खतरनाक था कि उसमें आग लग गई थी। गनीमत यह रही कि ब्रश बाथरूम के आईने के पास रखा था, जिसका फ्रेम स्टील का था। उस स्टील फ्रेम ने आग की लपटों को आगे फैलने से रोक दिया।
कंपनी के रवैये से नाराज है पीड़ित
गौरतलब है कि चार्लोट नेटवर्क रेल में काम करती हैं और उन्होंने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि कंपनी का बर्ताव बेहद निराशाजनक रहा। महिला के मुताबिक, ब्रश में ब्लास्ट से करीब 22 हजार रुपये (267 डॉलर) का नुकसान हुआ।
कंपनी ने हर्जाने के नाम पर महज 3800 रुपये (46 डॉलर) या नया ब्रश देने की बात कही। चार्लोट ने अब कसम खा ली है कि वह जिंदगी में कभी इलेक्ट्रिक टूथब्रश का इस्तेमाल नहीं करेंगी।
छत्तीसगढ़ के लोग भी रहें अलर्ट
रायपुर के मेकाहारा और बिलासपुर के सिम्स के डॉक्टरों का भी मानना है कि लिथियम बैटरी वाले किसी भी उपकरण को नमी वाली जगह पर सावधानी से रखना चाहिए। रायपुर के जयस्तंभ चौक और सदर बाजार जैसे इलाकों में इन दिनों इलेक्ट्रिक ब्रश का क्रेज बढ़ा है, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा मानकों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और जानकारों की सलाह है कि चार्जिंग के बाद ऐसे गैजेट्स को प्लग से हटा दें और डैमेज दिखने पर तुरंत इस्तेमाल बंद कर दें।
इस घटना ने गैजेट्स पर बढ़ती निर्भरता और उनकी सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी है। लोग अब इलेक्ट्रिक टूथब्रश खरीदने से पहले उसकी बैटरी क्वालिटी और वारंटी शर्तों को लेकर ज्यादा सतर्क हो रहे हैं। खासकर बच्चों के हाथ में ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण देना अब जोखिम भरा लग रहा है।


