टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग मुख्यालय स्थित संजय पार्क से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए आवारा कुत्तों के एक झुंड ने हिरणों के बाड़े में घुसकर उन पर हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में 15 हिरणों की मौत हो गई है। घटना के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है और पार्क को अगले 3 दिनों के लिए आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है।

दौड़ा-दौड़ाकर काटा

मिली जानकारी के अनुसार संजय पार्क से लगे जंगली क्षेत्र के रास्ते आवारा कुत्तों का झुंड पार्क के भीतर दाखिल हुआ और सीधे हिरणों के बाड़े में घुस गया। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों की इसकी भनक तक नहीं लगी। कुत्तों को देखकर बाड़े में मौजूद हिरणों के बीच भगदड़ मच गई। कुत्तों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर बुरी तरह जख्मी कर दिया। जिसके बाद शनिवार की सुबह तक एक-एक कर सभी 15 हिरणों ने दम तोड़ दिया।

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DFO ने की पुष्टि, जलाए गए शव

वन मंडल अधिकारी (DFO) अभिषेक जोगावत ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना दो दिन पहले कि है। कुत्तों के हमले के बाद घायल हिरणों को कर्मचारियों की निगरानी में रखा गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

पोस्टमार्टम: वन्य जीव विशेषज्ञों की उपस्थिति में सभी 15 हिरणों का पोस्टमार्टम किया गया।

अंतिम संस्कार: प्रोटोकॉल के तहत संक्रमण रोकने के लिए सभी शवों को जलाने की कार्रवाई पूरी कर ली गई है।

जांच के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था

इतनी बड़ी संख्या में वन्यजीवों की मौत ने पार्क की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। डीएफओ ने अंबिकापुर एसडीओ फॉरेस्ट की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय जांच दल का गठन किया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों और सुरक्षा में चूक के जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

हुई कार्रवाई

15 हिरणों की मौत के मामले में मुख्य वन संरक्षक, सरगुजा वनवृत्त दिलराज प्रभाकर ने कार्रवाई करते हुए वन वाटिका के प्रभारी के साथ तीन सहायकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में इन अधिकारियों का मुख्यालय सरगुजा वनमंडल, अंबिकापुर निर्धारित किया गया है।

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