India LPG Crisis नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच भारत सरकार पूरी तरह से ‘सुपर अलर्ट’ मोड पर आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वरिष्ठ मंत्रियों के साथ एक बहुत ही महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक जारी है।
वहीं दूसरी ओर अमेरिका के टेक्सास से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर एक कार्गो शिप रविवार को मेंगलुरु पोर्ट पर पहुंच गया है। वहीं रूस से एक जहाज क्रूड लेकर भारत आया। पिछले 7 दिनों में करीब पांच जहाज गैस-कच्चा तेल लेकर समुद्र के रास्ते भारत पहुंचे।
India LPG Crisis बता दें कि 16 मार्च को जंग के हालात के बीच LPG कैरियर जहाज शिवालिक कतर से 46 हजार मीट्रिक टन LPG गैस लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर आया था। शिवालिक जहाज 14 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर रवाना हुआ था। मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच यह भारत पहुंचने वाला पहला LPG जहाज था।
India LPG Crisis इसके बाद 17 मार्च नंदा देवी नाम का जहाज भी करीब 46 हजार टन LPG लेकर भारत आया। जहाज गुजरात के वडीनार (जामनगर) बंदरगाह पर पहुंचा था। और 18 मार्च को भारतीय झंडे वाला क्रूड ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’ गुजरात के मुंद्रा पोर्ट (अडानी पोर्ट्स) पर आया था। इस टैंकर में करीब 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल था। यह तेल UAE से आया, जिसे फुजैराह पोर्ट पर लोड किया गया था।
India LPG Crisis बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहे। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी अपने निर्यात के लिए इसी पर निर्भर हैं। इसी के कारण भारत में LPG किल्लत जैसे हालत बने हुए हैं।



