World War 3 Warning Trump: दुनिया एक बार फिर महायुद्ध की दहलीज पर खड़ी नजर आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दो टूक लहजे में चेतावनी (Trump vs Iran War Threat) दी है कि अगर अगले 48 घंटों के भीतर होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स पर भीषण हमला करेगा।

ट्रंप का सोशल मीडिया पर धमाका
दरअसल, ट्रंप ने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट लिखकर पूरी दुनिया में सनसनी फैला दी है। सूत्रों के अनुसार, ट्रंप ने साफ कहा है, अगर ईरान 48 घंटे के भीतर होर्मुज को नहीं खोलता है, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट पर हमला करेगा और उन्हें तबाह कर देगा। इस हमले की शुरुआत ईरान के सबसे बड़े प्लांट से की जाएगी।
ईरान ने भी तानी तलवारें
वहीं दूसरी ओर, ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। ईरान की ओर से आई जवाबी धमकी ने तनाव को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है। ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फाघारी ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर उनके पावर प्लांट को छूने की कोशिश भी की गई, तो अंजाम बुरा होगा।
ईरान की जवाबी रणनीति
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजराइल से जुड़े सभी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया जाएगा। समुद्र के खारे पानी को मीठा बनाने वाले (डिसेलिनेशन) प्लांट्स पर हमला होगा। इजराइल और अमेरिका के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह ठप करने की धमकी दी गई है।
Hormuz Strait Crisis, क्यों मचा है पूरी दुनिया में हड़कंप?
गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का वो सबसे संकरा समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल गुजरता है। अगर ईरान इसे बंद करता है, तो पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई रुक जाएगी, जिससे पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू सकते हैं। Hormuz Strait Crisis 2026 ने ग्लोबल मार्केट की नींद उड़ा दी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दो टूक कहा है, ईरान संभल जाए! अगर 48 घंटे में रास्ता नहीं खुला, तो हम सबसे बड़े पावर प्लांट से तबाही शुरू करेंगे।
क्या होगा असर?
अगर खाड़ी देशों में युद्ध छिड़ता है, तो इसका सीधा असर पूरे भारत पर भी पड़ सकता है।कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ सकते हैं, जिससे माल ढुलाई महंगी होगी जिससे सब्जियों की कीमतों में उछाल आ सकता है।
फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें उन 48 घंटों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि शांति रहेगी या बारूद बरसेगा।



