Bird Flu in Bilaspur: न्यायधानी बिलासपुर के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र (सरकारी पोल्ट्री फार्म) से इस वक्त की सबसे बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ सामने आ रही है। पिछले कई दिनों से हो रही मुर्गियों की रहस्यमयी मौत के मामले में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई है।
दरअसल बेंगलुरु भेजी गई सैंपल रिपोर्ट में संक्रमण के लक्षण पॉजिटिव पाए गए हैं। इस खबर के बाद पशु चिकित्सा विभाग और जिला प्रशासन में खलबली मच गई है। बता दें कि अब तक फार्म में 4 हजार से ज्यादा मुर्गा-मुर्गियों की तड़प-तड़प कर मौत हो चुकी है।
बेंगलुरु की रिपोर्ट ने उड़ाई नींद
गौरतलब है कि मुर्गियों की लगातार मौत के बाद राज्य स्तरीय विशेषज्ञों की टीम ने बिलासपुर में सैंपल लिए थे। इन सैंपलों को जांच के लिए देश की बेंगलुरु के लैब भेजा गया था। सूत्रों ने बताया कि आज आई रिपोर्ट में बर्ड फ्लू वायरस के होने की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है। इसके साथ ही अब पूरे बिलासपुर संभाग में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। टीआरपी ने इस मामले में बिलासपुर कलेक्टर आईएएस संजय अग्रवाल से बात की तो उन्होंने भी इस मामले की पुष्टि कर दी है।
बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही अब प्रशासन सख्त कदम उठाने जा रहा है। गाइडलाइन के मुताबिक, अब कोनी पोल्ट्री फार्म के आसपास के 1 से 5 किलोमीटर के दायरे को संवेदनशील घोषित कर वहां मौजूद सभी पक्षियों को मारा (Culling) जा सकता है। कोनी और आसपास के इलाकों में चिकन और अंडों की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। 18 मार्च से शुरू हुए इस मौत के तांडव को अगर समय रहते गंभीरता से लिया जाता, तो शायद नुकसान इतना बड़ा नहीं होता।
रायपुर-दुर्ग तक अलर्ट, चिकन मार्केट में सन्नाटा
बता दें कि बिलासपुर में पुष्टि होने के बाद राजधानी रायपुर और दुर्ग-भिलाई के पोल्ट्री संचालकों को भी हाई अलर्ट पर रखा जा सकता है। वहीं पशु चिकित्सा विभाग की टीमें अब निजी फार्मों की भी जांच करेंगी। सूत्रों ने बताया कि कोनी फार्म से जो चूजे ग्रामीण इलाकों में बांटे गए थे, उनकी भी ट्रैकिंग शुरू कर दी गई है ताकि गांवों में संक्रमण न फैले।



