छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग ने सहायक प्राध्यापकों को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। विभाग ने राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत 872 सहायक प्राध्यापकों की तीन वर्षीय परिवीक्षा अवधि समाप्त करने का आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार, जिन सहायक प्राध्यापकों ने अपनी परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूरी कर ली है, उन्हें अब नियमित पद पर स्थायी माना जाएगा। विभाग ने इस प्रक्रिया से पहले तीन चरणों में बैठकों का आयोजन कर सभी मामलों की गहन जांच की।
जांच में 872 सहायक प्राध्यापक सभी निर्धारित मापदंडों पर पूरी तरह खरे उतरे। इनकी परिवीक्षा अवधि तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है, जिससे उन्हें स्थायी नियुक्ति का लाभ मिल गया है।
हालांकि, सभी मामलों में स्थिति समान नहीं रही। 68 सहायक प्राध्यापकों के दस्तावेज अधूरे पाए गए हैं, जबकि 70 उम्मीदवार निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके अलावा, 65 मामलों में पुलिस सत्यापन अभी लंबित है। चार सहायक प्राध्यापकों ने स्वेच्छा से इस्तीफा दे दिया है और एक प्राध्यापक का निधन हो चुका है।
























