टीआरपी डेस्क। Pentagon Pizza Meter Alert: दुनिया भर में जारी ईरान-इजराइल जंग के बीच अमेरिका से एक बेहद अजीब लेकिन डराने वाला संकेत मिला है। दरअसल, वॉशिंगटन में पेंटागन (अमेरिकी रक्षा मुख्यालय) के आसपास पिज्जा आउटलेट्स पर गुरुवार रात अचानक ऑर्डर्स की बाढ़ आ गई। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पिज्जा मीटर संकेत दे रहा है कि अमेरिकी सेना किसी बहुत बड़े गुप्त मिशन या सैन्य कार्रवाई की तैयारी में देर रात तक जुटी हुई है।

क्या है ये पिज्जा मीटर का रहस्य?

बता दें कि अमेरिका में दशकों से पिज्जा मीटर को सैन्य अभियानों का अनौपचारिक लेकिन सटीक संकेतक माना जाता रहा है। गुरुवार शाम पापा जॉन्स पर 296%, डोमिनोज पर 208% और पिज्जाटो पर 200% ऑर्डर बढ़ गए। सूत्रों ने बताया कि जब भी पेंटागन में कोई बड़ी इमरजेंसी मीटिंग या युद्ध की प्लानिंग होती है, तो वहां मौजूद स्टाफ और अधिकारी देर रात तक काम करते हैं और भारी मात्रा में पिज्जा ऑर्डर करते हैं। इतिहास गवाह है कि खाड़ी युद्ध और अन्य ऑपरेशंस से पहले भी पिज्जा मीटर ने ऐसे ही संकेत दिए थे।

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ट्रंप का डेडलाइन गेम और शनिवार का डर

गौरतलब है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए 10 हफ्ते की मोहलत तो दी है, लेकिन पर्दे के पीछे कहानी कुछ और ही दिख रही है।

शनिवार का खतरा: एक्सपर्ट्स का दावा है कि ट्रंप का पसंदीदा दिन शनिवार है। बाजार बंद होने के बाद अमेरिका ईरान पर बड़ी स्ट्राइक कर सकता है। वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, ट्रंप मिडिल ईस्ट में 10,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने पर विचार कर रहे हैं। खबरें हैं कि अमेरिकी सेना ईरान के तेल निर्यात के मुख्य केंद्र खारग द्वीप पर कब्जा करने का प्लान बना रही है।

तीन बड़ी कार्रवाइयों की तैयारी में अमेरिका?

फारसी खाड़ी का यह सबसे बड़ा द्वीप होर्मुज स्ट्रेट के मोड़ पर है, जिस पर कब्जा कर अमेरिका पूरे समुद्री रास्ते को कंट्रोल कर सकता है। ईरान के 90% तेल निर्यात को संभालने वाले खार्ग द्वीप को निशाना बनाकर अमेरिका ईरान को आर्थिक रूप से पंगु बना सकता है।

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अगर पिज्जा मीटर का यह संकेत सच साबित होता है और शनिवार को अमेरिका कोई बड़ी कार्रवाई करता है, तो इसका असर सीधे भारत की रसोई और पेट्रोल पंपों पर पड़ेगा। खाड़ी देशों में छिड़ने वाली यह जंग कच्चे तेल की कीमतों को आसमान पर पहुंचा देगी। रायपुर से लेकर दिल्ली तक शेयर बाजार में बड़ा क्रैश देखने को मिल सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें वॉशिंगटन की अगली हलचल और शनिवार के उस ‘डेडली’ कॉम्बिनेशन पर टिकी हैं।