टीआरपी डेस्क। देश और राज्यों के कई हिस्सों में मौसम तेजी से करवट ले रहा है, जिसके चलते लोग गर्मी से बचने के लिए दिन-रात AC का सहारा ले रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बदलते मौसम के दौरान लंबे समय तक एयर कंडीशनर में रहना शरीर के प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ सकता है और गंभीर बीमारियों को न्योता दे सकता है।
इन दिनों पारा ऊपर-नीचे हो रहा है, जिससे कभी तेज धूप तो कभी हल्की ठंड महसूस होती है। ऐसे में लोग रातभर AC चलाकर सो रहे हैं, जिससे वायरल इन्फेक्शन और जोड़ों के दर्द की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं।
बदलते मौसम में AC के साइड इफेक्ट्स
जब बाहर का तापमान अधिक हो और आप कमरे के भीतर का तापमान काफी कम कर देते हैं, तो शरीर को इस बदलाव के साथ तालमेल बिठाने में मुश्किल होती है। लंबे समय तक ठंडी हवा में रहने से स्किन ड्राई होने लगती है और शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, रातभर AC चलाने से मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है, जो पाचन क्रिया को प्रभावित करता है।
डॉक्टरों का मानना है कि जो लोग ऑफिस और घर दोनों जगह AC में रहते हैं, उनकी इम्युनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। ठंडी हवा सीधे फेफड़ों पर असर करती है, जिससे अस्थमा, साइनस और गले में खराश जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।
सेहत पर प्रभाव: मुख्य आंकड़े और जानकारी
- Fact 1: रातभर AC में सोने से मांसपेशियों में खिंचाव और जोड़ों के दर्द की समस्या 30% तक बढ़ सकती है।
- Fact 2: एसी की हवा में नमी की कमी के कारण आंखों में ड्रायनेस और सिरदर्द की शिकायत आम है।
किसको ज्यादा खतरा?
बदलते मौसम में AC का सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव बुजुर्गों, बच्चों और उन लोगों पर पड़ता है जिन्हें पहले से सांस संबंधी बीमारियां हैं। इसके अलावा, जो लोग ज्यादा समय तक एक ही जगह बैठकर ठंडी हवा में काम करते हैं, उनके शरीर में रक्त संचार प्रभावित हो सकता है।
क्या करें?
बचाव के लिए जरूरी है कि AC का तापमान 24°C से 26°C के बीच रखें। कमरे में वेंटिलेशन का ध्यान रखें और सीधे ठंडी हवा के संपर्क में आने से बचें। यदि गले में खराश या शरीर में भारीपन महसूस हो, तो तुरंत AC का उपयोग बंद कर दें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
आगे क्या होगा?
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में और उतार-चढ़ाव की चेतावनी दी है। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए नई गाइडलाइन जारी कर सकता है।



