टीआरपी डेस्क। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए आज यानी शुक्रवार, 27 मार्च 2026 का दिन काफी भारी साबित हो रहा है। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 28 पैसे टूटकर अब तक के सबसे ऐतिहासिक निचले स्तर 94.24 पर जा पहुंचा है। सराफा बाजार से लेकर आम किराना दुकानों तक इस गिरावट की गूंज सुनाई दे रही है।

बाजार खुलते ही मची अफरा-तफरी

शुक्रवार सुबह जैसे ही बाजार खुला, निवेशकों के चेहरे लटक गए। सेंसेक्स 755 अंक (1%) की भारी गिरावट के साथ 74,517.93 पर आ गया। वहीं, निफ्टी भी 219 अंक लुढ़ककर 23,086.70 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।

रुपये की ऐतिहासिक गिरावट का गणित

बता दें कि स्थानीय मुद्रा 94.18 पर खुली थी, लेकिन बिकवाली के दबाव में यह और फिसलकर 94.29 तक पहुंच गई। रुपया 20 पैसे गिरकर 93.96 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। पिछले बंद भाव से रुपया 33 पैसे तक कमजोर हो चुका है।

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आखिर क्यों डूब रहा है रुपया और बाजार?

फॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं। विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय बाजार से लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं। घरेलू शेयर बाजारों में चौतरफा बिकवाली ने स्थानीय मुद्रा पर जबरदस्त दबाव बनाया है।

जनता पर क्या होगा असर?

गौरतलब है कि जब रुपया कमजोर होता है, तो विदेशों से आयात होने वाली चीजें महंगी हो जाती हैं। इससे पेट्रोल-डीजल, इलेक्ट्रॉनिक सामान और खाने के तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका बढ़ जाती है।