टीआरपी डेस्क। ऑटोमोबाइल सेक्टर से किआ इंडिया के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आ रही है। कंपनी की बहुप्रतीक्षित कार किआ सिरॉस (Kia Syros) अपनी चमक खोती नजर आ रही है। फरवरी महीने के जो आंकड़े आए हैं, वे बताते हैं कि यह कार अब अपनी प्रतिद्वंदी कंपनियों रेनो और सिट्रॉएन से भी पीछे छूट गई है। मार्केट में ग्राहक अब दूसरी गाड़ियों की ओर रुख कर रहे हैं।
सेल्स का डरावना गणित
बता दें कि फरवरी महीने में किआ सिरॉस की महज 662 यूनिट्स ही बिकी हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इसी सेगमेंट में सिट्रॉएन C3 (753 यूनिट्स) और रेनो काइगर (701 यूनिट्स) इससे कहीं आगे निकल गई हैं। इस महीने तो हालत और खराब थी, जब सिरॉस की 500 यूनिट्स भी नहीं बिकीं (सिर्फ 465 यूनिट्स की सेल हुई)। पिछले 6 महीनों में कंपनी ने सिर्फ एक बार दिसंबर में 1,116 यूनिट्स बेचकर हजार का आंकड़ा पार किया था। उसके बाद से ग्राफ लगातार नीचे गिर रहा है।
फीचर्स भरपूर, फिर क्यों नहीं हो रही बंपर सेल?
दरअसल, किआ सिरॉस एक बेहतरीन कार मानी जाती है। इसमें कम्फर्ट, प्रैक्टिकैलिटी और फीचर्स की कोई कमी नहीं है। इसमें आपको हाई-टेक इंफोटेनमेंट सिस्टम से लेकर सुरक्षा के कई आधुनिक फीचर्स मिलते हैं। लेकिन, ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके डिजाइन को लेकर ग्राहकों के मन में कुछ सवाल हैं, जो शायद इसकी बिक्री की राह में रोड़ा बन रहे हैं।
क्या होगा असर?
गौरतलब है कि शोरूम्स में भी अब इस कार पर ऑफर्स की सुगबुगाहट तेज हो गई है। अगर सेल इसी तरह गिरती रही, तो कंपनी को अपनी रणनीति और डिजाइन फीडबैक पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है। फिलहाल, रेनो और सिट्रॉएन इस मौके का पूरा फायदा उठा रही हैं।


