टीआरपी। रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर आज नगर निगम जोन 8 की टीम ने बड़े बकायादारों के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाया। जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में डिमांड नोटिस और अंतिम चेतावनी के बाद भी टैक्स जमा नहीं करने वाले 14 बड़े बकायादारों के व्यवसायिक परिसरों को तत्काल प्रभाव से ताला लगाकर सीलबंद कर दिया गया।
31 मार्च (वित्तीय वर्ष की समाप्ति) से ठीक पहले निगम की यह सख्त कार्रवाई अन्य बकायादारों के लिए बड़ा संदेश है। इस कार्रवाई से न केवल निगम के खजाने में राजस्व की वृद्धि हुई है, बल्कि शहर के विकास कार्यों के लिए फंड जुटाने में भी मदद मिलेगी।
सीलबंदी देख मौके पर ही जमा हुआ बकाया टैक्स
निगम की टीम जैसे ही वार्ड 1, 2, 19, 21 और 70 में दलबल के साथ पहुँची, व्यापारियों में हड़कंप मच गया। सीलबंदी की कार्रवाई शुरू होते ही 9 बड़े बकायादारों ने मौके पर ही अपने संपूर्ण टैक्स का भुगतान कर दिया। वहीं, कुछ ने पार्ट पेमेंट किया और शेष राशि 31 मार्च तक जमा करने का लिखित आश्वासन दिया।
प्रमुख वार्ड और बकाया राशि:
वार्ड 1 (वीर सावरकर नगर): यहाँ प्रितम सिंह जीत सिंह (5.29 लाख) और हरवंश सिंह (4.52 लाख) सहित कई बड़े बकायादारों की दुकानें सील की गईं।
वार्ड 2 (पंडित जवाहर लाल नेहरू वार्ड): निखिल ट्रेडर्स और संतोषी देवी (8.36 लाख) के परिसरों पर ताला जड़ा गया।
वार्ड 19 व 21: गोपाल खरे, नीलिमा चौधरी और अमरजीत सिंह जैसे बड़े डिफॉल्टर्स पर कार्रवाई हुई।
कुल निशाने पर: 28 बड़े बकायादार।
सीलबंद परिसर: 14 व्यवसायिक प्रतिष्ठान
तत्काल भुगतान: लीलावती देवी, आनंद सिंह ठाकुर, खूबचंद साहू सहित 9 लोगों ने मौके पर ही भुगतान किया।
अंतिम मोहलत: संत रविदास वार्ड के राजदेव प्रसाद ने पार्ट पेमेंट कर 31 मार्च तक का समय लिया।
टीम: कार्रवाई में सहायक राजस्व अधिकारी महादेव रक्सेल, राजस्व निरीक्षक राजेश मिश्रा और उनकी पूरी टीम शामिल रही।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च तक यह अभियान जारी रहेगा। यदि बकायादारों ने समय सीमा के भीतर अपना टैक्स जमा नहीं किया, तो सीलबंदी के बाद कुर्की जैसी वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है। निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय पर अपना राजस्व जमा कर शहर के विकास में भागीदार बनें।



