टीआरपी डेस्क। अप्रैल और मई की भीषण गर्मी शुरू होते ही बड़े-बड़े पेड़-पौधे मुरझाने लगते हैं, ऐसे में घर की बालकनी या आंगन में लगी तुलसी का सूखना एक आम समस्या बन जाती है। गमले में लगी तुलसी को तेज धूप और गर्म हवाएं (लू) बहुत जल्दी प्रभावित करती हैं, जिससे पत्तियां पीली पड़कर गिरने लगती हैं और पौधा कमजोर हो जाता है।
गर्मी के दौरान तापमान 40°C से 45°C तक पहुंच जाता है, जो नाजुक पौधों के लिए जानलेवा साबित होता है। गर्म हवाओं से तुलसी को बचाने के लिए विशेष देखभाल की जरूरत होती है, क्योंकि यह न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है बल्कि औषधीय गुणों का भंडार भी है।
भीषण गर्मी में तुलसी की देखभाल के तरीके
तुलसी को सूखने से बचाने के लिए सबसे जरूरी है सही जगह का चुनाव। दोपहर की सीधी और तेज धूप से बचाने के लिए गमले को किसी छायादार स्थान पर रखें या ऊपर से ग्रीन नेट का इस्तेमाल करें। इसके अलावा, पानी देने का तरीका भी बदलना होगा; गर्मी में केवल सुबह और शाम को ही पानी दें, दोपहर में पानी देने से जड़ें गर्म होकर गल सकती हैं।
मिट्टी, खाद और छंटाई पर दें ध्यान
पौधे की सेहत के लिए गमले की मिट्टी और ड्रेनेज सिस्टम को चेक करें ताकि पानी ठहरे नहीं। समय-समय पर पौधे के ऊपरी हिस्से की छंटाई (Pinching) करते रहें और मंजरी (बीज) को हटा दें, क्योंकि मंजरी आने पर पौधा अपनी पूरी ऊर्जा बीज बनाने में लगा देता है और सूखने लगता है। पोषण के लिए केमिकल के बजाय प्राकृतिक खाद या गोबर खाद का ही उपयोग करें।
लू और गर्म हवाओं से बचाव
तेज लू से बचाने के लिए गमले के आसपास अन्य पौधे रखें ताकि नमी बनी रहे। गमले की मिट्टी के ऊपर सूखी घास या पत्तों की एक परत (Mulching) बिछा दें, जिससे मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहेगी और जड़ें ठंडी रहेंगी।


