रायपुर। राजधानी रायपुर में चोरी के आरोप में पकड़े गए तीन नाबालिग उरला पुलिस की कस्टडी से चलती वैन से कूदकर फरार हो गए। पुलिस ने एक को पकड़ लिया है, जबकि दो अब भी फरार हैं। इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह घटना बीरगांव स्थित शुभम के मार्ट के पास की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, उरला थाने की पुरानी वाहन खराब होने के कारण शनिवार को पुलिस लाइन से एक नई बोलेरो गाड़ी मंगाई गई थी। इसी वाहन में करीब 16 से 17 वर्ष आयु के तीन नाबालिगों को बाल न्यायालय ले जाया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि वाहन का दरवाजा बाहर से तो लॉक था, लेकिन अंदर से बिना चाबी के ही खुल जा रहा था। रास्ते में एक नाबालिग ने दरवाजे को धीरे से जांचा, तो वह खुल गया। इसके बाद उसने अपने साथियों को इशारा किया और मौका देखते ही तीनों चलती गाड़ी से सड़क पर कूद गए। तीनों अलग अलग गलियों से भाग गए।
नाबालिगों के कूदते ही वाहन चालक ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाया और पुलिसकर्मी तेजी से नीचे उतरकर उनके पीछे दौड़े। हालांकि आरोपी बीरगांव की तंग गलियों और घनी बस्तियों का फायदा उठाकर भागने में सफल हो गए। बाद में पुलिस ने घेराबंदी कर एक नाबालिग को पकड़ लिया, लेकिन दो अब भी फरार हैं।
इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके में नाकेबंदी कर दी गई। आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन खबर लिखे जाने तक फरार नाबालिगों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक ऐसी गाड़ी, जिसका लॉक सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित नहीं था, उसमें आरोपियों को क्यों ले जाया जा रहा था। इसके अलावा, चलती गाड़ी में कैदियों की निगरानी में भी लापरवाही साफ नजर आती है।


