टीआरपी डेस्क। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। खास बात यह है कि नीतीश का यह इस्तीफा महज 29 शब्दों का था, जिसे मंत्री विजय चौधरी और संजय गांधी ने सभापति को सौंपा। इधर, बांकीपुर से विधायक और भाजपा के कद्दावर नेता नितिन नवीन ने भी विधायकी छोड़ने का ऐलान कर दिया है।

29 शब्दों का इस्तीफा

दरअसल, नीतीश कुमार बीते 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। संवैधानिक नियमों के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति एक साथ दो सदनों का सदस्य सिर्फ 14 दिनों तक ही रह सकता है। यही वजह है कि 30 मार्च यानी आज उन्हें विधान परिषद की सीट छोड़नी पड़ी। हालांकि, राजनीति के जानकारों का कहना है कि नीतीश अभी मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे, लेकिन वे यह कुर्सी कब छोड़ेंगे, इस पर फिलहाल ‘सस्पेंस’ बरकरार है।

नितिन नवीन ने भी इस्तीफे का ऐलान करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि बांकीपुर की जनता से उनका रिश्ता अटूट रहेगा और वे पीएम मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को पूरा करने के लिए काम करते रहेंगे।

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अब आगे क्या? बिहार की कुर्सी पर टिकीं निगाहें

सूत्रों ने बताया कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और अब विधान परिषद से इस्तीफा देने के बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पटना के गलियारों में सवाल तैर रहा है कि क्या नीतीश जल्द ही दिल्ली की राजनीति में पूरी तरह सक्रिय हो जाएंगे? फिलहाल, सभापति अवधेश नारायण सिंह ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और बिहार की राजनीति एक नए मोड़ पर खड़ी है।