नई दिल्ली। देश में एक बार फिर ईंधन की बढ़ती कीमतों ने वाहन चालकों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी तेल कंपनी Indian Oil Corporation (IOCL) ने अपने प्रीमियम फ्यूल सेगमेंट में बड़ा बदलाव करते हुए XP100 पेट्रोल और Xtra Green डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। नई दरें आज से लागू हो गई हैं, जिससे हाई-परफॉर्मेंस और प्रीमियम व्हीकल इस्तेमाल करने वालों को सीधा झटका लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली में XP100 पेट्रोल की कीमत 149 रुपये से बढ़कर 160 रुपये प्रति लीटर हो गई है, यानी इसमें सीधे 11 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं Xtra Green प्रीमियम डीजल भी 91.49 रुपये से बढ़कर 92.99 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

यह बढ़ोतरी फिलहाल IOCL के प्रीमियम ईंधन आउटलेट्स पर लागू की गई है। XP100 पेट्रोल खासतौर पर उन वाहनों के लिए बनाया गया है जिनमें हाई ऑक्टेन फ्यूल की जरूरत होती है, जैसे लग्जरी कारें, सुपरबाइक्स और हाई-कम्प्रेशन इंजन वाले वाहन। ऐसे में जिन ग्राहकों ने बेहतर इंजन परफॉर्मेंस, स्मूद ड्राइविंग और नॉक-फ्री रनिंग के लिए इस ईंधन को चुना था, अब उन्हें हर लीटर पर ज्यादा कीमत चुकानी होगी।

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क्या है XP100 और क्यों है यह इतना खास?

XP100 सामान्य पेट्रोल नहीं, बल्कि 100 ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल है। इसका इस्तेमाल आमतौर पर उन वाहनों में किया जाता है जिनके इंजन उच्च परफॉर्मेंस के लिए डिजाइन किए गए होते हैं। ऑक्टेन रेटिंग जितनी ज्यादा होती है, इंजन में नॉकिंग की संभावना उतनी कम होती है। यही वजह है कि यह फ्यूल आम पेट्रोल की तुलना में महंगा होता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि सामान्य बाइक और कार उपयोगकर्ताओं के लिए यह ईंधन जरूरी नहीं होता, लेकिन हाई-एंड व्हीकल मालिकों के लिए यह एक अहम विकल्प है।

कीमत बढ़ने की वजह क्या हो सकती है?

हालांकि IOCL की ओर से इस ताजा बढ़ोतरी पर कोई विस्तृत आधिकारिक कारण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है, लेकिन बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी, रिफाइनिंग लागत में इजाफा और लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ना प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में पश्चिम एशिया में तनाव और ग्लोबल सप्लाई चेन पर दबाव को भी वजह बताया गया है।

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आम पेट्रोल-डीजल अभी स्थिर, लेकिन खतरे की घंटी साफ

फिलहाल राहत की बात यह है कि यह बढ़ोतरी सिर्फ प्रीमियम ईंधन तक सीमित है और सामान्य पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन बाजार संकेत बता रहे हैं कि यदि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल का दबाव बना रहा, तो आने वाले दिनों में इसका असर आम ईंधन कीमतों पर भी दिख सकता है। इससे ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ेगी और रोजमर्रा के सामान की कीमतों पर भी दबाव आ सकता है।

महंगाई पर पड़ सकता है अप्रत्यक्ष असर

भले ही XP100 और Xtra Green जैसे प्रीमियम फ्यूल का इस्तेमाल सीमित वर्ग करता हो, लेकिन इनके दाम बढ़ने का असर केवल लग्जरी व्हीकल मालिकों तक सीमित नहीं रह सकता। अगर प्रीमियम डीजल का उपयोग कुछ कमर्शियल और विशेष ऑपरेशन वाले वाहनों में बढ़ता है, तो लॉजिस्टिक्स कॉस्ट ऊपर जा सकती है। नतीजतन, सप्लाई चेन महंगी होगी और बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर भी दबाव बन सकता है। यानी यह फैसला भले सीधे आम आदमी की जेब पर न दिखे, पर महंगाई के जरिए इसका असर हर घर तक पहुंच सकता है।

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हाई-एंड कार और स्पोर्ट्स बाइक मालिकों को सबसे बड़ा झटका

इस मूल्य वृद्धि का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो अपनी लग्जरी कारों, स्पोर्ट्स बाइक्स या हाई-परफॉर्मेंस इंजनों के लिए प्रीमियम फ्यूल का इस्तेमाल करते हैं। बेहतर पिकअप, स्मूद एक्सीलरेशन और इंजन सुरक्षा के लिए XP100 चुनने वाले ग्राहकों को अब हर फुल टैंक पर ज्यादा खर्च उठाना पड़ेगा। यही वजह है कि ऑटोमोबाइल सर्कल में इस बढ़ोतरी को “प्रीमियम मोबिलिटी पर नया प्राइस शॉक” माना जा रहा है।

क्या आने वाले दिनों में और बढ़ सकते हैं दाम?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ग्लोबल क्रूड मार्केट में अस्थिरता बनी रहती है और रुपये पर दबाव जारी रहता है, तो प्रीमियम फ्यूल के बाद सामान्य ईंधन की कीमतों में भी संशोधन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में आने वाले कुछ दिन वाहन चालकों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं।