रायगढ़। प्रदेश भर में इन दिनों ओपन स्कूल की बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। इन परीक्षाओं में कई केंद्रों में पैसे लेकर खुले आम नकल करने की छूट दिए जाने की खबरें आ रही हैं। इन्हीं में से एक केंद्र में दो ‘मुन्नाभाई’ भी पकड़ में आए, मगर केंद्राध्यक्ष का कहना है कि दोनों शख्स मौका पाकर भाग खड़े हुए।

दरअसल ओपन स्कूल की परीक्षा में पूर्व में बोर्ड परीक्षाओं में असफल विद्यार्थियों को बतौर प्राइवेट परीक्षार्थी मौका दिया जाता है। प्रदेश भर में इन परीक्षाओं के लिए केंद्र बनाए गए हैं। जानकारी मिल रही है कि अधिकांश केंद्रों में पैसे लेकर नकल कराया जा रहा है। ऐसा ही एक केंद्र रायगढ़ जिले के खरसिया विकासखंड में है, जहां शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बर्रा में संचालित ओपन परीक्षा केंद्र में परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। यहां केंद्र प्रबंधन पर छात्रों से मोटी रकम वसूलकर नकल कराने के आरोप लगे हैं, जिससे परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जितनी रकम उतनी सुविधा
इस परीक्षा केंद्र के केंद्राध्यक्ष ज्ञानसागर राठिया, सहायक केंद्राध्यक्ष रामधन राठिया एवं प्रभारी प्राचार्य रामगोपाल राठिया पर आरोप है कि वे छात्रों से 5000, 8,000 से 12,000 रुपये तक की राशि लेकर उन्हें नकल की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। परीक्षा देकर निकले छात्रों ने बताया कि आपने जितनी राशि दी उसके हिसाब से नकल की पर्चियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐन वक्त पर परीक्षा केंद्र में छात्रों से और पैसे मांगे गए। नहीं देने पर नकल से वंचित कर दिया गया।

छात्रों की जगह बैठे थे मुन्ना भाई
बर्रा के इस परीक्षा केंद्र में “मुन्ना भाई” की शैली में दूसरे व्यक्तियों से परीक्षा दिलवाने की भी बात सामने आई है।ज़ब 2 लोग मुन्नाभाई बनकर परीक्षा दे रहे थे तब उन्हें पकड़ लिया गया मगर इन पर कोई भी कार्यवाही नहीं हुई। जब इस बात का खुलासा हुआ और BEO ने केंद्राध्यक्ष से इस संबंध में पूछा तब उन्होंने कहा कि दोनों शख्स मौके से भाग गए, इसलिए कार्यवाही नहीं हो सकी। सवाल यह उठता है कि इसकी जानकारी तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी को क्यों नहीं दी गई।
विवाद हुआ तब पुलिस ने संभाली स्थिति
पता चला है कि इस परीक्षा केंद्र में 1 अप्रैल 2026 को 6-7 छात्रों को परीक्षा लिखने से रोक दिए जाने के बाद विवाद की स्थिति बन गई। तब मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाइश देकर मामला शांत कराया।
छात्रों ने बताई अंदर की बात
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर छात्रों ने बताया कि परीक्षा के शुरुआती दिनों में कुछ छात्रों को शिक्षकों द्वारा पर्चियां देकर नकल कराई गई। बाद में अन्य छात्रों से भी इसी सुविधा के लिए अतिरिक्त पैसे मांगे गए। परीक्षा के बाद सहायक केंद्राध्यक्ष द्वारा 7,000 रुपये तक की मांग किए जाने की बात भी सामने आई है। वहीं, कक्षा 10वीं की एक छात्रा ने आरोप लगाया कि उससे 12,000 रुपये लिए गए, लेकिन 2 अप्रैल को सामाजिक विज्ञान के पेपर में केवल एक घंटे ही नकल करवाई गई।
मेहनती छात्रों में रोष
इस प्रकार की अनियमितताओं से ईमानदारी से पढ़ाई करने वाले छात्रों का मनोबल गिर रहा है। अभिभावकों और विद्यार्थियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उड़नदस्ता टीम पर भी उठे सवाल
सबसे गंभीर बात यह है कि खुलेआम नकल और वसूली के आरोपों के बावजूद अब तक उड़नदस्ता टीम को एक भी नकल का प्रकरण नहीं मिला है। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि कहीं न कहीं इस पूरे मामले में उच्च स्तर तक मिलीभगत हो सकती है।

खरसिया के BEO लक्ष्मीनारायण पटेल का कहना है कि बर्रा में चल रहे ओपन परीक्षा में अनियमितता को लेकर उनके पास शिकायत आई थी। मगर उड़नदस्ता टीम के साथ वे दो दिन केंद्र में गए, लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वे फिर शाला जाकर मौका मुआयना करेंगे। इस दौरान अनियमितता पाए जाने पर कार्यवाही की जाएगी।ओपन स्कूल की चल रही परीक्षा का यह नमूना भर है। ऐसा अधिकांश केंद्रों में चल रहा है, मगर कार्यवाही शून्य है। ऐसा लगता है कि असफल विद्यार्थियों को किसी तरह पास कराने के लिए ही ओपन परीक्षा में सब कुछ ‘ओपन’ चल रहा है।


