टीआरपी। रायपुर में आयोजित पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का समापन हो गया है। इस ऐतिहासिक खेल महाकुंभ में कर्नाटक ने 23 स्वर्ण पदकों के साथ ओवरऑल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। वहीं, मेजबान छत्तीसगढ़ ने भी अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए पदक तालिका में 9वां स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता के अंतिम दिन पुरुष फुटबॉल के रोमांचक फाइनल में छत्तीसगढ़ को पश्चिम बंगाल से 0-1 से हार का सामना करना पड़ा और रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
छत्तीसगढ़ के लिए यह आयोजन केवल खेलों तक सीमित नहीं था, बल्कि यह प्रदेश की जनजातीय खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच पर दिखाने का बड़ा अवसर था। 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य सहित कुल 19 पदक जीतकर छत्तीसगढ़ ने साबित कर दिया कि बस्तर से लेकर सरगुजा तक के खिलाड़ियों में राष्ट्रीय स्तर पर चमकने का माद्दा है।
पदक तालिका का रोमांच
इस उद्घाटन संस्करण में देश भर के 30 राज्यों के लगभग 3,800 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कर्नाटक ने शुरू से ही बढ़त बनाए रखी, जिसमें तैराकी का सबसे बड़ा योगदान रहा। कर्नाटक के मणिकांत एल 8 स्वर्ण और 1 रजत पदक जीतकर खेलों के सबसे सफल खिलाड़ी बने।
ओडिशा की टीम 21 स्वर्ण और कुल 57 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि झारखंड ने 16 स्वर्ण के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। झारखंड की तीरंदाज और पूर्व विश्व जूनियर चैंपियन कोमालिका बारी ने महिला रिकर्व में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की।
मुख्य आंकड़े
चैंपियन: कर्नाटक (23 स्वर्ण, 8 रजत, 7 कांस्य)
उपविजेता: ओडिशा (21 स्वर्ण, 15 रजत, 21 कांस्य)
छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन: 3 स्वर्ण, 10 रजत, 6 कांस्य (कुल 19 पदक – 9वां स्थान)
फुटबॉल परिणाम: पुरुष वर्ग में पश्चिम बंगाल को स्वर्ण, छत्तीसगढ़ को रजत।
तीरंदाजी: झारखंड की कोमालिका बारी और ओडिशा के अर्जुन खारा ने जीते व्यक्तिगत स्वर्ण।
खेल परिणाम एक नजर में:
तीरंदाजी (महिला):
रिकर्व व्यक्तिगत: स्वर्ण – कोमालिका बारी (झारखंड)
रिकर्व टीम: स्वर्ण – नागालैंड; रजत – झारखंड
तीरंदाजी (पुरुष):
रिकर्व व्यक्तिगत: स्वर्ण – अर्जुन खारा (ओडिशा)
रिकर्व टीम: स्वर्ण – झारखंड; रजत – ओडिशा
फुटबॉल (पुरुष):
स्वर्ण – पश्चिम बंगाल; रजत – छत्तीसगढ़; कांस्य – अरुणाचल प्रदेश और गोवा।
इन खेलों की सफलता ने जनजातीय क्षेत्रों में खेल बुनियादी ढांचे के विस्तार की नई राह खोल दी है। छत्तीसगढ़ सरकार और खेल मंत्रालय अब इन पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए विशेष ट्रेनिंग कैंप और स्कॉलरशिप की योजना बना रहे हैं, ताकि अगले संस्करण में प्रदेश पदक तालिका में और ऊपर आ सके।


