हैदराबाद। आमों का सीजन शुरू होते ही शहर के बाजारों में रौनक तो बढ़ गई है, लेकिन इसके साथ ही सेहत पर बड़ा खतरा भी मंडराने लगा है। कुछ लालची व्यापारी आमों को समय से पहले पकाने के लिए जानलेवा रसायनों का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। इस पर नकेल कसने के लिए हैदराबाद पुलिस और नगर निगम की H-Fast टीम ने कमर कस ली है।

7 टन आम जब्त, दो बड़े व्यापारी सलाखों के पीछे

दरअसल, 4 और 5 अप्रैल को चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने दो होलसेल फल व्यापारियों को धर दबोचा। ये व्यापारी आंध्र प्रदेश से आने वाले कच्चे आमों को “डायमंड रायप एथिलीन” जैसे हानिकारक रसायनों के जरिए रातों-रात पका रहे थे।

शहर के अलग-अलग गोदामों से लगभग 7 टन जहरीले आम और रसायनों के 24 से ज्यादा पैकेट जब्त किए गए हैं। जांच में सामने आया कि आमों को पकाने के लिए ‘एथिलीन’ और प्रतिबंधित ‘कैल्शियम कार्बाइड’ का इस्तेमाल हो रहा था। यह कार्रवाई मुख्य रूप से चूड़ी बाजार और आसपास के गोदामों में की गई है।

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पुलिस कमिश्नर की चेतावनी चमक देखकर धोखा न खाएं

हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वी.सी. सज्जनार ने नागरिकों को सचेत करते हुए कहा कि केवल बाहरी सुंदरता देखकर आम न खरीदें। चमकदार और एक समान पीले दिखने वाले आम अक्सर रसायनों की देन होते हैं।

असली और रसायनों वाले आम की पहचान कैसे करें?

प्राकृतिक रूप से पका आम हर तरफ से एक जैसा पीला नहीं होता, जबकि रसायनों वाला आम एकदम सुनहरी और चमकदार दिखता है। रसायनों वाले आम से अजीब गंध आ सकती है और वह बाहर से मीठा दिखने के बावजूद अंदर से कच्चा या बेस्वाद हो सकता है। ऐसे आम खाने से तुरंत उल्टी, दस्त और गले में जलन हो सकती है। लंबे समय में यह फेफड़ों और नर्वस सिस्टम को बर्बाद कर सकता है।

प्रशासन की सख्त निगरानी

हैदराबाद के मोजमजाही और गड्डी अन्नाराम जैसे बड़े फ्रूट मार्केट्स में इस वक्त तेलंगाना, आंध्र, कर्नाटक और महाराष्ट्र से 25 से ज्यादा किस्म के आम पहुंच रहे हैं। H-Fast (Food Adulteration Surveillance Team) लगातार इन बाजारों और गोदामों की निगरानी कर रही है।

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गौरतलब है कि पुलिस ने जनता से अपील की है कि अगर उन्हें किसी गोदाम या दुकान पर संदेह हो, तो तुरंत 100 नंबर या H-Fast हेल्पलाइन 8712661212 पर सूचना दें। कमिश्नर ने साफ लहजे में कहा कि लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले व्यापारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।