कांकेर/महासमुंद। देशभर में ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए लोगों को जागरूक करने का लगातार अभियान चलाया जा रहा है, बावजूद इसके लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं और अपने गाढ़े पसीने की कमाई लुटा रहे हैं। हाल ही में ऐसा ही एक मामला कांकेर जिले में सामने आया, जिसमें मोबाइल पर भेजे गए एक APK फाइल लिंक के जरिए ठग ने फोन हैक कर लाखों रुपये पार कर दिए। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के नोएडा से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
इस तरह हुई ठगी
दरअसल बिरेंद्र खलको (50), जो मूल रूप से ग्राम महुआ टोली के निवासी हैं और वर्तमान में नेहरू नगर, कांकेर में रह रहे हैं, ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि 24 जनवरी 2026 को उनके मोबाइल पर एक संदिग्ध APK लिंक आया था। अनजाने में उन्होंने उस लिंक को डाउनलोड कर लिया, जिसके बाद उनका मोबाइल फोन हैक हो गया।
बताया गया कि पीड़ित का मोबाइल नंबर उनकी पत्नी के बैंक खाते से लिंक था, जिसमें फोन पे, गूगल पे और एसबीआई योनो जैसी डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सक्रिय थीं। साइबर ठग ने इसी का फायदा उठाते हुए खाते से अलग-अलग किश्तों में कुल 9 लाख 28 हजार 500 रुपये निकाल लिए। जब खाते से लगातार रकम कटने लगे, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।
लोकेशन ट्रेस कर पकड़ा साइबर ठग को
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। एसपी निखिल राखेचा के निर्देश पर एडिशनल एसपी आकाश श्रीश्रीमाल के मार्गदर्शन पर एक विशेष टीम गठित की गई। एसडीओपी शेरबहादुर सिंह के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और उसे नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान आदित्य चौहान (21) के रूप में हुई है।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस ठगी में और कौन-कौन शामिल हैं। साथ ही पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात लिंक या APK फाइल को डाउनलोड करने से बचें, क्योंकि इससे मोबाइल हैक होकर बैंक खाते खाली हो सकते हैं।
दर्जनों ऑनलाइन ठगी करने वाले झारखंड के 3 आरोपी गिरफ्तार
उधर महासमुंद पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह को दबोचा है, जिसने न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देश के 14 राज्यों में ठगी का जाल फैला रखा था। साइबर सेल की टीम ने झारखंड में एक सप्ताह तक डेरा डालकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनसे लाखों के मोबाइल और हाईटेक उपकरण बरामद हुए हैं।
इस गिरोह का खुलासा तब हुआ, जब क्षेत्र के बिजरापाली निवासी प्रार्थी दिनेश कुमार ठाकुर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थी के अनुसार उन्होंने एक कंपनी से ऑनलाइन कार के रिम मंगाए थे। भुगतान के बाद ऑर्डर की जानकारी नहीं मिलने पर उन्होंने गूगल के माध्यम से कस्टमर केयर नंबर खोजा और उस पर संपर्क किया।
कस्टमर केयर का नंबर डायल किया और…
शिकायत के मुताबिक, कॉल करने पर सामने वाले ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताया और एक ऐप डाउनलोड करने को कहा। ऐप इंस्टॉल करने के बाद शिकायतकर्ता के मोबाइल का एक्सेस प्राप्त कर उनके बैंक खाते से 2,49,988 रुपये निकाल लिए गए।
रिपोर्ट दर्ज होते ही महासमुंद साइबर थाना प्रभारी की टीम ने तकनीकी जांच शुरू की और आरोपियों के ठिकाने झारखंड के देवघर जिले के बेहरापहरी गांव तक जा पहुंची। पुलिस की टीम जब वहां पहुंची तो स्थानीय भूगोल और आरोपियों के नेटवर्क के कारण उन्हें पकड़ना चुनौतीपूर्ण था।
भेष बदलकर रेकी करनी पड़ी झारखंड में
पुलिस टीम ने करीब सात दिनों तक वहां भेष बदलकर रेकी की और अंतत: घेराबंदी कर साइबर थाना टीम आरोपियों के निवास ग्राम बेहरापहरी जिला देवघर पहुंचकर कर आरोपियों की पता तलाश प्रारंभ किया। यहां आरोपियों की पहचान क्रमश: मुफितयाज अंसारी, मोहम्मद मुख्तार अंसारी, इरफान अंसारी के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने सेकंड हैंड मोबाइल फोन, इंटरनेट कनेक्शन और विभिन्न ऐप के माध्यम से ऑनलाइन ठगी करने की बात स्वीकार की है।
आरोपियों का अपराधिक हिस्ट्री खंगालने पर उत्तर प्रदेश, कनार्टका, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब सहित 14 राज्यों में 36 प्रकरणों में ऑनलाइन ठगी को अंजाम देकर 12 लाख, 26 हजार 948 रुपए की ठगी की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 मोबाइल, एक लैपटॉप, वाई-फाई उपकरण और सिम कार्ड जब्त किए हैं।
पुलिस ने नागरिकों से की ये अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सेवा का कस्टमर केयर नंबर आधिकारिक स्रोत से ही प्राप्त करें और अनजान ऐप डाउनलोड करने से बचें। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।



