कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपना दांव चल दिया है। रविवार को गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान पार्टी का चुनावी घोषणापत्र जारी किया। बीजेपी ने अपने इस मेनिफेस्टो को भरोसा पत्र का नाम दिया है, जिसमें महिलाओं, युवाओं और सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़े वादे किए गए हैं।
सोनार बांग्ला के निर्माण का भरोसा
संकल्प पत्र जारी करते हुए अमित शाह ने ममता सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस उम्मीद के साथ बंगाल की जनता ने ममता दीदी को चुना था, सरकार उन पर खरी नहीं उतरी।
अमित शाह ने कहा, टीएमसी से त्रस्त बंगाल अब बदलाव चाहता है। यह संकल्प पत्र सोनार बांग्ला के निर्माण का रोडमैप है। बीजेपी ने वादा किया है कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो 45 दिनों के भीतर सातवें वेतन आयोग को लागू किया जाएगा और कर्मचारियों का बकाया डीए (DA) भी दिया जाएगा।
घुसपैठ पर जीरो टॉलरेंस और सुरक्षा का वादा
पार्टी ने अपने घोषणापत्र में सुरक्षा और सीमा विवाद को प्रमुखता दी है। अमित शाह ने साफ लहजे में कहा कि राज्य में घुसपैठ को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने बंगाल की जनता को भरोसा दिलाया कि पूर्ण बहुमत की सरकार बनते ही घुसपैठियों को बाहर निकाल कर बंगाल को सुरक्षित बनाया जाएगा।
महिलाओं और युवाओं के लिए कैश कार्ड
पार्टी का मुख्य फोकस राज्य के दो बड़े वोट बैंकमहिलाएं और युवा पर रहा है। बेरोजगारों को नया मार्ग दिखाने के लिए कई स्किल डेवलपमेंट और रोजगार की योजनाएं लाई जाएंगी। मेनिफेस्टो में सीधे नकदी (Cash Support) देने के वादे किए गए हैं, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। बीजेपी के इस भरोसा पत्र ने चुनाव में सरगर्मी बढ़ा दी है। अब देखना यह होगा कि 45 दिन में सातवें वेतन आयोग और सुरक्षा के इन वादों पर बंगाल की जनता कितना भरोसा जताती है।




