बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने शुक्रवार, 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की। इस शपथ के साथ ही नीतीश कुमार के नाम एक ऐसा दुर्लभ रिकॉर्ड दर्ज हो गया है, जिसे हासिल करना किसी भी राजनेता के लिए एक सपना होता है। नीतीश कुमार अब बिहार के उन चुनिंदा नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं, जो राजनीति के चारों सदनों (लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद) के सदस्य रह चुके हैं।
इन 6 दिग्गजों के नाम है यह रिकॉर्ड
नीतीश कुमार से पहले बिहार की राजनीति के सिर्फ पांच योद्धा ही इस मुकाम तक पहुँच पाए थे:
- नागमणि
- लालू प्रसाद यादव
- सुशील कुमार मोदी
- रामकृपाल यादव
- उपेंद्र कुशवाहा
- नीतीश कुमार
नीतीश कुमार: हरनौत से राज्यसभा तक का सफर
| नेता का नाम | विशेष उपलब्धि |
| लालू प्रसाद यादव | 1977 में लोकसभा सदस्य बने, चारों सदनों में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। |
| सुशील कुमार मोदी | छात्र राजनीति से निकलकर चारों सदनों तक पहुँचे और 2020-24 तक राज्यसभा के सदस्य रहे। |
| रामकृपाल यादव | 2025 विधानसभा चुनाव में दानापुर से जीतकर चारों सदनों की सदस्यता का चक्र पूरा किया। |
| उपेंद्र कुशवाहा | अगस्त 2024 में राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए। |
| नागमणि | जगदेव प्रसाद के पुत्र, 70 के दशक से राजनीति में सक्रिय और चारों सदनों के सदस्य। |
- विधानसभा: 1985 में पहली बार हरनौत (नालंदा) से विधायक बने।
- लोकसभा: कुल 6 बार (1989 से 2004 के बीच) सांसद चुने गए और केंद्र में रेल व कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले।
- विधान परिषद: 2006 से लगातार 2024 तक चार बार परिषद के सदस्य रहे।
- राज्यसभा: 10 अप्रैल 2026 को शपथ लेकर इस रिकॉर्ड को पूर्ण किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
पीएम नरेंद्र मोदी ने नीतीश कुमार को देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक बताते हुए उनके सुशासन और प्रतिबद्धता की सराहना की है। अब नीतीश कुमार केंद्र में मंत्री बनने के बजाय पार्टी को ‘मार्गदर्शक’ की भूमिका में आगे बढ़ाएंगे।



