टीआरपी डेस्क। चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे फेज की फाइनल रिपोर्ट ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सहित 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई। इस पूरी प्रक्रिया के बाद इन राज्यों की लिस्ट से कुल 6.08 करोड़ मतदाताओं के नाम कम हो गए हैं।

यूपी में 13% मतदाता कम: 2 करोड़ से ज्यादा नाम कटे

उत्तर प्रदेश में जारी हुई नई लिस्ट ने सबको हैरान कर दिया है। यहाँ वोटर्स की संख्या में 13% की भारी गिरावट आई है। SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले यूपी में मतदाताओं की संख्या करीब 15.43 करोड़ थी। फाइनल लिस्ट में यह आंकड़ा घटकर 13.39 करोड़ रह गया है। यानी अकेले उत्तर प्रदेश से 2.04 करोड़ लोगों के नाम लिस्ट से बाहर कर दिए गए हैं।

बंगाल में सियासी घमासान: 91 लाख नाम हटे

चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में भी वोटर लिस्ट की सफाई का बड़ा असर दिखा है। यहां करीब 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। बता दें कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी थी, लेकिन आयोग ने साफ किया कि, यह कार्रवाई नियमों के तहत की गई है। बंगाल में अब मतदाताओं की संख्या घटकर करीब 6.75 करोड़ के आसपास रह गई है।

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छत्तीसगढ़ समेत इन राज्यों की लिस्ट भी पब्लिश

गौरतलब है कि SIR के दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश और बंगाल के अलावा छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, केरल, तमिलनाडु, गोवा और तीन केंद्र शासित प्रदेशों (पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप) की सूची भी जारी की गई है। आयोग के अनुसार, इस अभियान का मकसद फर्जी और डुप्लीकेट वोटर्स को हटाकर एक ‘क्लीन’ डेटाबेस तैयार करना है।

अगला टारगेट: 39 करोड़ वोटर्स और 22 राज्य

दरअसल, देश के कुल 99 करोड़ मतदाताओं में से अब तक 60 करोड़ को कवर किया जा चुका है। अब बाकी बचे 39 करोड़ मतदाताओं के लिए तीसरे फेज का अभियान शुरू होगा। इसमें 17 राज्य और 5 केंद्र शासित प्रदेश शामिल होंगे। इन 22 राज्यों-UT में यह प्रक्रिया इस महीने होने वाले पांच विधानसभा चुनावों के तुरंत बाद शुरू की जाएगी।

अगर आप इन राज्यों के निवासी हैं, तो तुरंत चुनाव आयोग की वेबसाइट या Voter Helpline App पर जाकर अपना नाम चेक करें। अगर नाम कट गया है, तो अगले चरण में इसे जुड़वाने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

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